अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। 10 जून 2026 को अमेरिका ने ईरान के कई मुख्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने इन हमलों की पुष्टि की है। इसके जवाब में ईरान ने भी जॉर्डन और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई है।

अमेरिका ने ईरान पर क्यों किए हवाई हमले?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है। दरअसल, 8 या 9 जून 2026 को ईरान के एक ड्रोन ने अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। इसी के जवाब में अमेरिका ने 10 जून को ईरान के हवाई रक्षा सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और रडार साइटों को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर शांति वार्ता आगे नहीं बढ़ी तो वे ईरान के बिजलीघरों और पुलों पर भी हमले कर सकते हैं। अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ये हमले अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी थे।

ईरान का पलटवार और खाड़ी देशों पर इसका असर

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने अमेरिकी हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने जॉर्डन में अमेरिकी बेस और खाड़ी क्षेत्र के 21 अन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। जॉर्डन की सेना ने बताया कि उन्होंने अपने हवाई क्षेत्र में ईरान की तरफ से दागी गईं 5 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इस तनाव का सीधा असर कुवैत और बहरीन जैसे देशों पर भी पड़ रहा है जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।

नागरिक सुविधाओं को भी पहुंचा नुकसान

ईरान के अधिकारियों का दावा है कि अमेरिकी हमलों से सिरीक में एक टेलीकम्युनिकेशन टॉवर और दो पानी के जलाशयों जैसे आम लोगों के इस्तेमाल वाली चीजों को नुकसान पहुंचा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने कहा कि बार-बार हो रहे हमलों के बीच शांति के लिए बातचीत आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और विशेष रूप से भारतीय नागरिकों के लिए भी यह तनाव चिंता का विषय बन गया है क्योंकि इससे हवाई उड़ानों और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले क्यों किए हैं?

ईरान के एक ड्रोन ने अमेरिका के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के रडार और हवाई रक्षा प्रणालियों पर हमला किया है।

क्या इस हमले का असर खाड़ी देशों पर भी हुआ है?

हां, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन, कुवैत और बहरीन जैसे खाड़ी देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।