अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए बड़े हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद की गई है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र और उसके आस-पास के इलाकों में तनाव चरम पर पहुंच गया है और कई जगहों पर धमाकों की खबरें हैं।

US सेंट्रल कमांड ने हमले को लेकर क्या जानकारी दी?

यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी बलों ने 9 जून 2026 को ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा में हवाई हमले शुरू किए। यह कार्रवाई 8.जून 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था और कार्रवाई की बात कही थी। दूसरी तरफ, ईरान के उप विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिकी हेलिकॉप्टर को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया था और उन्होंने चेतावनी दी कि विदेशी ताकतों की मौजूदगी के कारण ऐसे हादसे हो सकते हैं।

ईरान के सिरीक में धमाके और पानी के टैंक पर हमले की क्या है सच्चाई?

सोशल मीडिया पर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि तुर्की के सेरिक में पानी के टैंकों पर अमेरिकी हमले के बाद पानी की सप्लाई कट गई है, लेकिन जांच में तुर्की को लेकर ऐसी किसी भी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। असल में, अमेरिकी जवाबी हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के सिरीक (Sirik) क्षेत्र, बंदर अब्बास और केश्म द्वीप में भारी धमाके दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही, ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत के हफ़्तकेल में एक 10,000 क्यूबिक मीटर के पानी के जलाशय को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है, जिसे ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी हमला बताया है। तुर्की के राष्ट्रीय खुफिया संगठन (MIT) के प्रमुख ने भी चेतावनी दी है कि यह संघर्ष एक बड़े वैश्विक संकट का रूप ले सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले क्यों किए?

अमेरिका ने यह हमला 8 जून 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराए जाने के विरोध में जवाबी कार्रवाई के तौर पर किया है।

क्या तुर्की में पानी की सप्लाई बंद होने की खबर सच है?

नहीं, तुर्की के सेरिक में ऐसी किसी भी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। दरअसल, धमाके और पानी के टैंक को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं ईरान के सिरीक और हफ़्तकेल क्षेत्रों में हुई हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.