अमेरिका की सेना (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर हमले शुरू कर दिए हैं। यह कार्रवाई Strait of Hormuz में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और समुद्री रास्ते को खुला रखने के लिए की गई है। अमेरिका ने ईरान पर मासूम नागरिकों और कमर्शियल जहाजों पर हमले करने का आरोप लगाया है।
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मामला 25 जून 2026 को शुरू हुआ जब ईरान ने सिंगापुर के जहाज M/V Ever Lovely पर एक ड्रोन हमला किया। इसके तुरंत बाद 26 जून को U.S. Central Command (CENTCOM) ने जवाब देते हुए ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज और तटीय रडार साइटों पर हवाई हमले किए। CENTCOM ने इसे ईरान की तरफ से ceasefire का उल्लंघन और बिना वजह की गई आक्रामकता बताया।
तनाव यहीं खत्म नहीं हुआ और 27 से 28 जून 2026 के बीच पनामा के एक टैंकर पर फिर से ईरानी ड्रोन हमला हुआ। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान की मिलिट्री सर्विलांस, कम्युनिकेशन, एयर डिफेंस और माइन-लेइंग सुविधाओं को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना का कहना था कि ईरान को समझौते का मौका दिया गया था लेकिन उसने इसे नहीं माना।
ताजा जानकारी के अनुसार 7 जुलाई 2026 को CENTCOM ने फिर से शक्तिशाली हमलों की घोषणा की। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि ईरान ने कम से कम तीन और कमर्शियल जहाजों पर हमला किया था। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ कहा है कि मासूम नागरिकों वाले जहाजों को निशाना बनाने की भारी कीमत चुकानी होगी।
