अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। Strait of Hormuz में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है। इस सैन्य एक्शन से पूरे इलाके में हलचल मच गई है।
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US Central Command (CENTCOM) ने जानकारी दी कि 4 जुलाई 2026 को ईरान के खिलाफ हमले किए गए। इन ऑपरेशंस में ईरान के मिसाइल स्टोरेज साइट्स, ड्रोन बनाने वाली सुविधाओं और तट पर लगी रडार मशीनों को निशाना बनाया गया। अमेरिका ने यह कदम 3 जुलाई को कंटेनर जहाज Ever Lovely पर हुए हमले के जवाब में उठाया।
समुद्र में असुरक्षा का माहौल पिछले कुछ दिनों से बना हुआ था। 29 और 30 जून को दो भारतीय टैंकरों और एक कंटेनर जहाज पर हमले हुए थे। इसके बाद 1 जुलाई को एक ताइवानी जहाज के साथ भी ऐसी ही घटना हुई। इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कानूनों और समुद्री सुरक्षा का बड़ा उल्लंघन माना गया है।
बता दें कि 17 जून 2026 को ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ साइन हुआ था। इस समझौते के तहत तय हुआ था कि 60 दिनों तक Strait of Hormuz में जहाजों के आने-जाने की पूरी आजादी रहेगी। लेकिन Ever Lovely पर हुए हमले ने इस शांति समझौते को तोड़ दिया और क्षेत्रीय शांति को नुकसान पहुँचाया।
