अमेरिका की सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं। यह कार्रवाई Strait of Hormuz में नागरिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। US Central Command ने इसे अपनी सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को बचाने के लिए उठाया गया कदम बताया है।
🗞️: US-Iran Conflict: अमेरिका ने ईरान में किए बड़े हमले, सोशल मीडिया पर रिपोर्ट आई सामने, तनाव बढ़ा।
ये हमले मुख्य रूप से ईरान के दक्षिणी पोर्ट शहर Bandar Abbas के पास किए गए। अमेरिकी सेना ने ईरान के मिलिट्री सर्विलांस सिस्टम, कम्युनिकेशन नेटवर्क, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन स्टोरेज और माइन लेयर क्षमताओं को निशाना बनाया है।
विवाद तब बढ़ा जब Iranian Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में एक ब्रिटिश टैंकर और एक कतरी LNG टैंकर पर हमला किया था। इस हमले में जहाजों को नुकसान पहुँचा लेकिन किसी के घायल होने या मरने की खबर नहीं आई है।
इसके जवाब में ईरान ने भी बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। IRGC ने दावा किया कि उन्होंने कुवैत के Ali al-Salem बेस और बहरीन के Fifth Fleet नेवल बेस पर आठ ठिकानों को तबाह कर दिया है। हालांकि अमेरिका ने अपनी साइट्स पर किसी बड़े नुकसान या सैनिकों की मौत की बात नहीं कही है।
लगातार दूसरे दिन हुई इस जंग के कारण अप्रैल 2026 में हुआ कमजोर युद्धविराम अब पूरी तरह टूट गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अमेरिकी सेना ईरानी उकसावे का कड़ा जवाब देगी और चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो और हमले होंगे। इस बीच कतर में संकट को सुलझाने के लिए चल रही बातचीत अब तक नाकाम रही है।
