अमेरिका के CENTCOM ने जानकारी दी कि 16 जुलाई 2026 की रात से लेकर 17 जुलाई 2026 की सुबह तक ईरान के सैन्य ठिकानों पर फिर से हमले किए गए। यह लगातार छठी रात है जब अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन चलाया है। इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य ताकत को कम करना और कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों का जवाब देना है।
हमलों का दायरा और अमेरिकी रणनीति
अमेरिकी सेना ने फाइटर जेट, ड्रोन और युद्धपोतों की मदद से ईरान के तटीय निगरानी केंद्रों, एयर डिफेंस सिस्टम और लॉजिस्टिक्स ठिकानों को निशाना बनाया। Qeshm Island और Bandar Abbas के पास बने ठिकानों पर भारी बमबारी की गई। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने बताया कि राष्ट्रपति Donald Trump शांति के साथ मजबूती बनाए रखने की नीति पर चल रहे हैं, लेकिन जहाजों पर हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ईरान की चेतावनी और क्षेत्रीय असर
ईरान के कमांडर Colonel Ebrahim Zolfaghari ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका उनके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाता रहेगा, तो ईरान पूरे क्षेत्र की सुविधाओं पर हमले करेगा। ईरान ने Jordan, Kuwait और Bahrain में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। इस तनाव के चलते भारत ने भी अपने जहाज मालिकों और एजेंसियों को Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर काम करने वाले नाविकों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि हाल के दिनों में भारतीय कर्मचारियों को भी नुकसान उठाना पड़ा है।
