अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए उसके कई ठिकानों पर जोरदार हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास ईरान के कई एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को निशाना बनाया। यह कार्रवाई अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद की गई है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।
अमेरिका ने ईरान पर क्यों किया हमला और राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। ट्रंप ने कहा कि इस हमले का जवाब देना बेहद जरूरी था और अमेरिका की यह कार्रवाई बहुत मजबूत और शक्तिशाली है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले को एक आनुपातिक प्रतिक्रिया बताया है। इस हमले के बाद ईरान के होर्मोजगान प्रांत के पूर्वी हिस्सों, जैसे होर्मुज द्वीप और केश्म द्वीप पर तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।
हेलीकॉप्टर हादसे और पायलटों के रेस्क्यू पर क्या है अपडेट?
8 जून 2026 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था। इस हादसे के बाद दोनों पायलटों को अमेरिकी नौसेना के एक सी ड्रोन (sea drone) की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया। अमेरिकी सेना के इतिहास में सी ड्रोन के जरिए किया गया यह पहला ऐसा रेस्क्यू ऑपरेशन है। दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में वहां कोई सैन्य गतिविधि नहीं हुई थी और उन्होंने हेलीकॉप्टर नहीं गिराया है।
ईरान के विदेश मंत्री की चेतावनी और शांति समझौते पर असर
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अराघची ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास मौजूद विदेशी सेनाओं को तुरंत वहां से हट जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वहां पर दोनों देशों के बीच गोलाबारी की चपेट में आने का लगातार खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ईरान कूटनीति पसंद करता है लेकिन वह दूसरी भाषाएं भी समझता है। इस हमले से दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल से लागू संघर्ष विराम समझौते को बड़ा झटका लगा है, जबकि इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि दो से तीन दिनों में शांति समझौता हो सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान पर हमला कब और कहां किया?
अमेरिका ने 9 जून 2026 को शाम करीब 5 बजे (ईरान के समयानुसार 10 जून को रात 1 बजे) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के एयर डिफेंस और रडार सिस्टम पर हमला किया।
अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के पायलटों को कैसे बचाया गया?
अपाचे हेलीकॉप्टर के दोनों पायलटों को अमेरिकी नौसेना के एक सी ड्रोन (sea drone) की मदद से सुरक्षित बचाया गया। अमेरिकी सेना का यह अपनी तरह का पहला सफल रेस्क्यू ऑपरेशन है।
