अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। अमेरिका ने बुधवार सुबह ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं। यह पूरी कार्रवाई ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर किए गए हालिया हमलों के जवाब में की गई है।
U.S. Central Command ने पुष्टि की है कि इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड नेटवर्क और रडार साइट्स को निशाना बनाया गया। इसके साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से ज्यादा छोटी नावों को भी तबाह कर दिया गया है।
यह मामला तब बढ़ा जब रणनीतिक जलमार्ग में पनामा के झंडे वाले एक टैंकर पर ईरानी ड्रोन से हमला किया गया था। रॉयटर्स के हवाले से एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अभी स्थिति स्पष्ट हो रही है और किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की कोई खबर नहीं आई है। हालांकि, इससे पहले SaudiNews50 ने एक अन्य अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए कहा था कि ईरान पर कोई हमला नहीं किया जा रहा है।
इस टकराव की वजह से 17 जून 2026 को हुए युद्धविराम के समझौते पर खतरा मंडराने लगा है। अमेरिकी हमलों के जवाब में IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन और कुवैत में अमेरिका के 85 सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। दूसरी ओर, सऊदी अरब और UAE ने अपनी हवाई सीमा या जमीन का इस्तेमाल अमेरिकी हमलों के लिए करने से साफ इनकार कर दिया है।
