अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड CENTCOM ने 16 जुलाई 2026 की सुबह ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों का नया दौर पूरा कर लिया है। इन ऑपरेशंस में ईरान के कमांड सेंटर, एयर डिफेंस साइट्स और मिसाइल व ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

🚨: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव: CENTCOM ने दागे मिसाइल, कई सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

हमलों के कारण और ताजा स्थिति

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है और कहा है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सीजफायर अब खत्म हो चुका है। अमेरिकी सेना ने 14 जुलाई को ही ईरान जाने वाले जहाजों पर नाकेबंदी लागू कर दी थी। इसी दौरान, अमेरिकी बलों ने एक तेल टैंकर M/T Belma को भी निशाना बनाया जो नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था। Admiral Brad Cooper के अनुसार, पिछले 7 दिनों में ईरान ने 7 कमर्शियल जहाजों पर हमले किए हैं, जिसमें कई लोगों की जान गई है।

ईरान का जवाब और क्षेत्रीय तनाव

ईरान के सरकारी मीडिया ने देश के कई शहरों, जैसे Bandar Abbas, Qeshm, और Bushehr में धमाकों की पुष्टि की है। ईरान के सैन्य सूत्रों ने दावा किया है कि इस कार्रवाई में उनके 7 जवान मारे गए हैं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के IRGC ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिसे उन्होंने Operation Nasr 2 का नाम दिया है। GCC महासचिव Jasem Albudaiwi ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है, जबकि एक्सपर्ट्स ने इस तनाव को एक लंबे युद्ध की शुरुआत बताया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.