अमेरिका की सेना ने 12 जुलाई 2026 को ईरान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके करीब 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। यह हमला ओमान की खाड़ी में स्थित Strait of Hormuz में एम/वी जीएफएस गैलेक्सी (M/V GFS Galaxy) जहाज पर हुए हमले का जवाब है। इस घटना में एक नागरिक चालक दल का सदस्य लापता है और जहाज को काफी नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी सैन्य मुख्यालय CENTCOM ने बताया कि पिछले तीन दिनों में कुल 300 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए गए हैं।
गल्फ देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला
ईरान के हमले के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ईरान की सेना ने जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, ओमान, कतर और यूएई (UAE) में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इन हमलों के कारण कुवैत में तेल कंपनी का एक कर्मचारी घायल हुआ है, जबकि कतर में मलबे के गिरने से तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। जॉर्डन में भी मामूली नुकसान की खबर है, जबकि UAE ने पुष्टि की है कि उनके रक्षा तंत्र ने आने वाली मिसाइलों को रोक लिया है।
ईरान की ओर से हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का दावा
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिका की एक क्रूज मिसाइल को मार गिराया है और अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज किया है और कहा है कि वहां कमर्शियल जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ हुए पिछले समझौते अब खत्म हो चुके हैं। पाकिस्तान, कतर, मिस्र और ओमान की सरकारें इस तनाव को कम करने की कोशिशों में जुटी हैं ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और आम नागरिकों को परेशानी न हो।
