ईरान में तनाव के बीच अमेरिका ने लगातार तीसरे दिन सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं। 14 जुलाई 2026 को ईरान के होर्मोज़गन प्रांत में अमेरिकी हमलों के दौरान तीन लोगों की जान चली गई। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, ये मौतें हाजीबाद काउंटी के सैय्यद जोज़ार गांव में एक पर्यावरण संरक्षण भवन को निशाना बनाए जाने के दौरान हुईं।
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हमलों में आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि अमेरिकी बलों ने ईरान के प्रमुख बंदरगाहों जैसे बंदर अब्बास, बुशहर, चाह बहार, जास्क, कोनारक और अबू मूसा में सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक की। बंदर अब्बास में एक नौसैनिक अड्डे पर तीन कोर्सेर मानवरहित समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। यह पहला मौका है जब अमेरिकी सेना ने युद्ध में समुद्री ड्रोनों का उपयोग किया है। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की तटीय रक्षा प्रणालियों और मिसाइल साइटों को नुकसान पहुँचाना था।
तनाव का असर और ईरान की चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने इसके जवाब में बहरीन में अमेरिकी सैन्य सुविधाओं और ओमान में रडार सिस्टम पर हमले किए हैं। दोनों देशों के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका और ईरान के बीच हुआ एक अंतरिम समझौता विफल हो गया, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच लगातार सैन्य कार्रवाई देखी जा रही है।
