अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के सिरीक इलाके में पीने के पानी के दो बड़े टैंकों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं। इस हमले के बाद पूरे इलाके में पीने के पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। ईरान ने भी इस कार्रवाई का बदला लेने के लिए कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

अमेरिकी हमलों से ईरान में क्यों ठप हुई पानी की सप्लाई?

ईरानी सरकारी टेलीविजन और सिरीक जल विभाग के प्रमुख के अनुसार, 10 जून 2026 को अमेरिकी हवाई हमलों ने होर्मोज़गान प्रांत के सिरीक शहर के ‘बिमानी’ क्षेत्र में दो बड़े पानी के टैंकों को निशाना बनाया। इस हमले के कारण स्थानीय लोगों के लिए पीने के पानी का संकट पैदा हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देशों पर ये सुरक्षात्मक हमले किए गए हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई 9 जून को होर्मोज़गाज जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में की गई है। इसके अलावा ईरान के बंदर अब्बास, केशम और जास्क क्षेत्रों में भी भारी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।

ईरान का जवाबी हमला, कुवैत और बहरीन में एक्टिव हुए डिफेंस सिस्टम

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी बड़ा कदम उठाया है। ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े (US 5th Fleet) के ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया। इन हमलों के बाद कुवैत और बहरीन ने तुरंत अपने हवाई रक्षा प्रणालियों (Air Defense Systems) को सक्रिय कर दिया। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स ने उपग्रह तस्वीरें जारी कर कुवैत में अमेरिकी बेस पर नुकसान होने का दावा किया है। यह सैन्य टकराव अप्रैल की शुरुआत में हुए एक बेहद कमजोर युद्धविराम समझौते के बावजूद लगातार बढ़ता जा रहा है।

तनाव से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर क्या होगा असर?

खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील है। ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन जैसे देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने से इन देशों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। हालांकि स्थानीय सरकारों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन हवाई सुरक्षा प्रणालियों के सक्रिय होने से सुरक्षा चिंताओं में इजाफा हुआ है। प्रवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल आधिकारिक सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी सेना ने ईरान के सिरीक में किस बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया?

अमेरिकी हवाई हमलों ने सिरीक के बीमानी इलाके में पानी के दो बड़े टैंकों को निशाना बनाया, जिससे पूरे क्षेत्र में पीने के पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई है।

ईरान ने अमेरिका के इस हमले का क्या जवाब दिया?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े के ठिकाने पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.