अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने 9 जून 2026 को ईरान के हवाई रक्षा प्रणालियों और रडार को निशाना बनाकर नए हमले किए हैं। यह सैन्य कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर के गिरने के बाद की गई है। इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बहरीन समेत पड़ोसी देश सतर्क हो गए हैं।
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अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमला क्यों किया?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इस घटना का जवाब देना बेहद जरूरी था। दरअसल, 9 जून की सुबह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलीकॉप्टर एक ईरानी ड्रोन से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हालांकि हेलीकॉप्टर के दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया है और उनकी स्थिति सामान्य है। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने बयान दिया कि हेलीकॉप्टर का गिरना एक सामान्य दुर्घटना या मानवीय भूल का नतीजा हो सकता है।
हमले में कहां-कहां धमाके हुए और खाड़ी देशों पर क्या असर पड़ा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के सिरीक, बंदर अब्बास और केश्म द्वीप के आसपास के तटीय इलाकों में हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में मुख्य रूप से ईरान के एयर डिफेंस रडार और मिसाइल बैटरियों को निशाना बनाया गया है। ईरान की सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर दोबारा हमला हुआ तो वे इसका बहुत अलग तरीके से जवाब देंगे। इस भारी तनाव को देखते हुए कुवैत और बहरीन ने भी अपने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है, ताकि क्षेत्र में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान के किन क्षेत्रों को निशाना बनाया है?
अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित ईरान के सिरीक, बंदर अब्बास और केश्म द्वीप में स्थित एयर डिफेंस सिस्टम और रडार को निशाना बनाया है।
इस हमले के बाद कुवैत और बहरीन ने क्या कदम उठाए हैं?
क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए कुवैत और बहरीन ने सुरक्षा के तौर पर अपने एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।
