अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास शहर के पास बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिका ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम और ड्रोन लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया है। यह हमला अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा और समुद्री जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में किया गया।
🚨: US Iran Update: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हुआ, लेकिन फिर भी हमलों की खबरें आईं सामने।
अमेरिकी हमले की मुख्य वजह
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस सैन्य ऑपरेशन में तटीय निगरानी प्रणालियों, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों को तबाह किया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हमला किया था, जिसमें हाल ही में एक मर्चेंट वेसल को निशाना बनाया गया था।
2026 ईरान युद्ध का इतिहास
यह पूरा मामला 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए ‘ट्वेल्थ-डे वॉर’ या 2026 ईरान युद्ध का हिस्सा है। इस युद्ध के शुरुआती दौर में अमेरिका और इसराइल ने करीब 900 हमले किए थे, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खमनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने भी बैलिस्टिक मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन के जरिए नागरिक और सरकारी ठिकानों पर हमले किए। जून के महीने में अमेरिका ने B2 बॉम्बर्स और टोमाहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल कर ईरान के फोर्डो, नतांज़ और इस्फहान परमाणु केंद्रों को पूरी तरह नष्ट कर दिया था।
अब बातचीत की तैयारी
ताजा हमलों के बाद अब अमेरिका और ईरान दोनों ने आपसी हमलों को रोकने और राजनयिक बातचीत फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि युद्ध विराम की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
समझौते के लिए अमेरिकी दूत Steve Witkoff और Jared Kushner कतर की राजधानी दोहा पहुंचे हैं। वहां वे कतरी अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य के विवाद को सुलझाया जा सके और एक संभावित डील पर चर्चा की जा सके।
