अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिकी सेना यानी CENTCOM ने सप्ताहांत में दक्षिणी ईरान के गोरुक और केशम द्वीप पर मौजूद ईरानी रडार और ड्रोन कमांड केंद्रों पर हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई ईरान द्वारा अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराए जाने के जवाब में की गई है। इस घटना से पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।

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अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हमला क्यों किया?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह हमले आत्मरक्षा में किए गए हैं। ईरान ने 31 मई 2026 को अमेरिकी सेना के एक MQ-1 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया था। ईरान का कहना था कि यह ड्रोन उसकी जलसीमा में घुसपैठ कर रहा था, जबकि अमेरिकी सेना के अनुसार उनका ड्रोन अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में काम कर रहा था। इसके तुरंत बाद अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और हमलावर ड्रोनों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमन्य (Strait of Hormuz) को हर हाल में व्यापार के लिए खुला रखा जाएगा।

पिछले कुछ दिनों में क्या-क्या घटनाएं हुईं?

मई के आखिरी हफ्ते में ईरान और अमेरिका के बीच लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई देखने को मिली है। इस पूरे तनाव को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका में मुख्य तारीखों और घटनाओं को देखें:

तारीख घटना
25-26 मई 2026 अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइटों और बारूदी सुरंग बिछाने वाली ईरानी नौकाओं पर हमला किया।
27 मई 2026 ईरान ने कुवैत की तरफ बैलिस्टिक मिसाइल दागी जिसे कुवैती सेना ने हवा में मार गिराया। इसी दिन अमेरिकी सेना ने 5 ईरानी ड्रोन भी नष्ट किए।
30-31 मई 2026 ईरान द्वारा अमेरिकी ड्रोन गिराने के बाद अमेरिका ने गोरुक और केशम द्वीप पर ईरानी रडार और ड्रोन कमांड सेंटर तबाह किए।

ईरान और अमेरिका के अधिकारियों का क्या कहना है?

ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन बताया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि वे अपनी जलसीमा की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी घुसपैठ का मुंहतोड़ जवाब देंगे। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देश अब अमेरिकी सेना के लिए ढाल का काम नहीं कर पाएंगे। इसके विपरीत, अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि वे अपने हितों और सैनिकों की सुरक्षा के लिए आगे भी ऐसी कार्रवाई करते रहेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिकी हमलों में किसी सैनिक को नुकसान पहुंचा है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि इन हमलों और जवाबी कार्रवाई में किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई चोट या नुकसान नहीं पहुंचा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिका का क्या रुख है?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला रहना चाहिए और अमेरिका इसे खुला रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com