मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने सप्ताहांत में ईरान के अंदर उसके रडार और ड्रोन कमांड सेंटरों पर बड़े हमले किए हैं। यह कार्रवाई अमेरिकी MQ-1 प्रेडेटर ड्रोन को मार गिराए जाने के जवाब में की गई है। इस बीच, कुवैत ने भी सोमवार सुबह अपनी सीमा में आ रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी हो गया है।

अमेरिका ने ईरान के किन ठिकानों को बनाया निशाना?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई पूरी तरह से आत्मरक्षा में की गई है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप के पास स्थित हवाई रक्षा प्रणालियों और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों को निशाना बनाया। इस हमले में ईरान के दो वन-वे अटैक ड्रोन भी नष्ट किए गए जो समुद्री जहाजों के लिए खतरा बने हुए थे। इस पूरी कार्रवाई में किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा है। यह घटना अप्रैल में हुए संघर्ष विराम समझौते के टूटने का तीसरा बड़ा मामला है।

कुवैत पर भी हुआ हमला, एयर डिफेंस ने दिखाई मुस्तैदी

इस बड़े सैन्य तनाव के बीच सोमवार सुबह कुवैत की हवाई रक्षा प्रणाली ने अपने देश की तरफ आ रहे ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। कुवैत के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इस हवाई कार्रवाई की पुष्टि की है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला ईरान समर्थित शिया मिलिशिया द्वारा किया गया हो सकता है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों प्रवासी भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए यह सुरक्षा संबंधी चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि इससे क्षेत्र में उड़ानों और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

ईरान और अमेरिका के बीच नए तनाव की मुख्य वजह क्या है?

इस ताजा विवाद की शुरुआत तब हुई जब ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका के एक MQ-1 प्रेडेटर ड्रोन को मार गिराया था। ईरान का दावा था कि ड्रोन उसकी हवाई सीमा में प्रवेश कर चुका था, जबकि अमेरिका का कहना है कि ड्रोन अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में ही उड़ान भर रहा था। इसके अलावा, ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय ने जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए नए कड़े नियम जारी किए थे, जिससे यह तनाव और ज्यादा गहरा गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के किन इलाकों में सैन्य हमले किए हैं?

अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप के पास स्थित सैन्य ठिकानों, हवाई रक्षा प्रणालियों और ड्रोन कंट्रोल सेंटरों को निशाना बनाया है।

कुवैत ने हवाई हमले को लेकर क्या जानकारी दी है?

कुवैत सरकार ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली ने सोमवार सुबह देश की सीमा में प्रवेश कर रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है।

क्या इस अमेरिकी हमले में किसी सैनिक के हताहत होने की खबर है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने साफ किया है कि इस जवाबी सैन्य कार्रवाई में किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई चोट या नुकसान नहीं पहुंचा है।