अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में बड़े हवाई हमले किए हैं। यह सैन्य कार्रवाई सोमवार को ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने के बाद की गई है। हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया का कहना है कि अब ये हमले रुक चुके हैं और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति फिलहाल शांत है।
अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में क्यों किए ताबड़तोड़ हवाई हमले?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर आत्मरक्षा में यह हवाई हमले किए हैं। 8 जून 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर गश्त कर रहे एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को ईरानी सेना ने मार गिराया था। इसी घटना के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार सिस्टम और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका को इस हमले का कड़ा जवाब देना जरूरी था।
ईरान के कौन से इलाके आए अमेरिकी मिसाइलों की चपेट में?
ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमलों ने देश के दक्षिणी तटीय और रणनीतिक क्षेत्रों को निशाना बनाया है। मुख्य रूप से इन ठिकानों पर हमले हुए हैं:
- केश्म द्वीप (Qeshm) और बंदर अब्बास (Bandar Abbas) बंदरगाह शहर, जहां तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
- सिरिक (Sirik), जास्क (Jask) और कुह-ए मुबारक (Kuh-e Mobarak) के इलाके जहां अमेरिकी मिसाइलें गिरीं।
- ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि वे कूटनीति के साथ-साथ सैन्य भाषा भी बेहद अच्छी तरह बोलना जानते हैं।
- ईरानी सरकारी टेलीविजन ने पुष्टि की है कि सोमवार को इजराइली हमलों में उनके वायु रक्षा इकाई के दो सैनिक भी मारे गए थे।
क्या अब भी है शांति की कोई उम्मीद?
तनाव के इस माहौल के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है और अगले दो से तीन दिनों में किसी समझौते पर बात बन सकती है। दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने मध्य पूर्व में सभी देशों से शांति बनाए रखने और हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने साफ शब्दों में कहा है कि विदेशी सेनाओं को होर्मुज क्षेत्र से तुरंत चले जाना चाहिए क्योंकि उनकी उपस्थिति से लगातार युद्ध का खतरा बना रहता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान के किन इलाकों को निशाना बनाया है?
अमेरिकी हवाई हमलों में दक्षिणी ईरान के केश्म द्वीप, बंदर अब्बास, सिरिक, जास्क और कुह-ए मुबारक जैसे रणनीतिक इलाकों को निशाना बनाया गया है।
क्या अपाचे हेलीकॉप्टर हादसे में अमेरिकी पायलट सुरक्षित हैं?
हाँ, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मार गिराए गए अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के दोनों पायलटों को अमेरिकी नौसेना के ड्रोन द्वारा सुरक्षित बचा लिया गया था।
