US Student Visa Update: भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका का वीज़ा नियम सख्त, 2025 में आई भारी गिरावट

Aanya5 August 20262 min read78 viewsIndia
US Student Visa Update: भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका का वीज़ा नियम सख्त, 2025 में आई भारी गिरावट

अमेरिका में पढ़ाई का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। Center for Immigration Studies (CIS) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारतीय और चीनी नागरिकों को जारी किए गए F-1 छात्र वीज़ा की संख्या में काफी कमी आई है। इस साल मई से अगस्त के बीच, भारतीय छात्रों को मिलने वाले वीज़ा में 2017-19 और 2021-24 के औसत के मुकाबले 60% की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि 2024 के आंकड़ों से तुलना करें तो इसमें 62% की कमी आई है।

वीज़ा नियमों में बड़ा बदलाव

इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी सरकार की बदलती नीतियां हैं। Department of Homeland Security ने 15 सितंबर 2026 से duration of status सिस्टम को खत्म करने का ऐलान किया है। अब छात्रों को एक निश्चित समय के लिए ही वीज़ा दिया जाएगा और पढ़ाई पूरी होने के बाद रुकने की अवधि यानी ग्रेस पीरियड को भी कम कर दिया गया है। छात्र अब अपनी पढ़ाई आगे बढ़ाने के लिए बार-बार औपचारिक आवेदन करने के लिए मजबूर होंगे। इस रिपोर्ट के बारे में अधिक जानकारी ANI News पर देखी जा सकती है।

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छात्रों पर दबाव और सख्त प्रक्रिया

ट्रंप प्रशासन ने विदेशी आवेदकों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। इसके तहत कुछ चुनिंदा विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया गया है और उन विदेशी स्नातकों पर भारी शुल्क लगाने का विचार किया जा रहा है जो पढ़ाई के बाद अमेरिका में नौकरी करना चाहते हैं। इतना ही नहीं, मार्च 2025 में उन सैकड़ों छात्रों के वीज़ा रद्द कर दिए गए जो कॉलेज परिसर में प्रदर्शनों में शामिल थे। इसके अलावा, U.S. Department of State के अगस्त 2026 Visa Bulletin ने नौकरी आधारित ग्रीन कार्ड श्रेणियों में संभावित समस्याओं की चेतावनी दी है, जिससे उन छात्रों की चिंता बढ़ गई है जो अमेरिका में बसना चाहते हैं। पूरी जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करें।

आंकड़ों पर एक नज़र

इस कमी के बावजूद, भारतीय छात्र अभी भी अमेरिकी शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका में कुल 1,177,766 विदेशी छात्र थे, जिनमें से 363,019 भारत से और 265,919 चीन से थे। ये दोनों देश मिलकर कुल विदेशी छात्रों का 53% हिस्सा बनाते हैं। हालांकि, भारत ने इस अवधि में 10% की वृद्धि दर्ज की थी और वह अमेरिका के लिए सबसे बड़ा छात्र स्रोत बना हुआ था, लेकिन ताजा बदलावों ने भविष्य की संभावनाओं को धुंधला कर दिया है। CIS के सीनियर लीगल फेलो George Fishman का मानना है कि इन सख्त नियमों का उद्देश्य अमेरिकी श्रमिकों की रक्षा करना और कार्यक्रम के मूल शैक्षिक उद्देश्यों को फिर से बहाल करना है।

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