अमेरिका में टैक्स भरने वाले आम लोगों के पैसे का बड़ा हिस्सा शिक्षा के बजाय युद्ध और हथियारों पर खर्च हो रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में जहाँ शिक्षा पर बहुत कम पैसा लगा, वहीं हथियारों पर हजारों डॉलर खर्च किए गए. यह जानकारी नेशनल प्रायोरिटीज प्रोजेक्ट (NPP) की रिपोर्ट से सामने आई है.

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टैक्स के पैसों का क्या हुआ?

रिपोर्ट के अनुसार, एक औसत अमेरिकी टैक्सपेयर ने शिक्षा के लिए 637.41 डॉलर दिए, जबकि हथियारों और युद्ध पर 4,049.35 डॉलर खर्च हुए. यह सैन्य खर्च 2024 के 3,707 डॉलर के मुकाबले काफी बढ़ गया है. संस्था का कहना है कि सरकार बच्चों को पढ़ाने और खिलाने के बजाय युद्ध पर ज्यादा पैसा लगा रही है.

सैन्य और शिक्षा खर्च का पूरा हिसाब

सैन्य खर्च के अंदर ठेकेदारों और परमाणु हथियारों के लिए भारी रकम अलग रखी गई है. वहीं शिक्षा के बजट में भारी कटौती देखी गई है. नीचे दी गई टेबल में पूरा ब्यौरा दिया गया है:

खर्च का विवरण रकम/प्रतिशत
शिक्षा पर खर्च (औसत टैक्सपेयर) 637.41 डॉलर
हथियारों और युद्ध पर खर्च (औसत टैक्सपेयर) 4,049.35 डॉलर
पेंटागन ठेकेदारों के लिए 1,870 डॉलर
सैन्य कर्मियों के लिए 770 डॉलर
परमाणु हथियारों के लिए 130 डॉलर
विदेशी सेनाओं की मदद के लिए 57 डॉलर
कुल विवेकाधीन खर्च (बजट का हिस्सा) 26.9%

आम लोगों और बजट पर क्या असर पड़ा?

शिक्षा के लिए सरकारी फंड 180 बिलियन डॉलर से घटकर 159.5 बिलियन डॉलर रह गया है, जो करीब 11.38% की गिरावट है. इसके अलावा, फरवरी 2026 में ईरान के साथ शुरू हुए युद्ध का खर्च इसमें शामिल नहीं है. अगर यह युद्ध 35 बिलियन डॉलर तक पहुँचता है, तो हर टैक्सपेयर पर 130 डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.

इंस्टिट्यूट फॉर पॉलिसी स्टडीज की लेखक लिंडसे कोशग़रियन ने कहा कि पेंटागन और सैन्यीकरण पर भारी खर्च आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमीरों के लिए टैक्स घटाए गए लेकिन स्वास्थ्य बीमा और भोजन सहायता जैसे जरूरी प्रोग्राम्स में कटौती की गई.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.