अमेरिका ने दुनिया भर में तेल की सप्लाई को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव ने साफ़ कहा है कि Strait of Hormuz के रास्ते तेल का बहाव जारी रहेगा, चाहे ईरान के साथ कोई समझौता हो या न हो। इस कदम से ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूती मिलेगी।
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बता दें कि 18 जून 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Pezeshkian ने Versailles में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसे ‘इस्लामबाद MOU’ कहा गया। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने लड़ाई खत्म करने और Strait of Hormuz को फिर से खोलने पर सहमति जताई थी। इस डील में यह तय हुआ कि 60 दिनों तक जहाजों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा और ईरान 30 दिनों के भीतर समुद्र से बारूदी सुरंगें हटाएगा।
21 जून 2026 को ऊर्जा सचिव Chris Wright ने जानकारी दी कि तेल और नेचुरल गैस की आवाजाही अब सामान्य हो गई है। उन्होंने साफ़ किया कि आगे की बातचीत जो भी रहे, तेल का बहाव इसी तरह जारी रहेगा। वहीं उपराष्ट्रपति Vance ने बताया कि इस रास्ते से रिकॉर्ड 16 मिलियन बैरल तेल गुजरा है, जो युद्ध से पहले के स्तर से भी ज्यादा है। ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने भी कहा कि ईरान ने इस रास्ते को खुला रखने का वादा किया है।
हालांकि, भविष्य को लेकर कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। राष्ट्रपति Trump ने चेतावनी दी है कि अगर 60 दिनों के बाद कोई फाइनल समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका सुरक्षा सेवाओं के बदले अपना टोल वसूल सकता है। इसके अलावा, समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों और फंसे हुए जहाजों के कारण पूरी तरह सामान्य स्थिति आने में कुछ महीने लग सकते हैं। फिलहाल स्विट्जरलैंड में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधि तकनीकी बातचीत कर रहे हैं।
