अमेरिका ने सीरिया को ‘आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश’ (SST) की सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बड़े फैसले का खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के साथ-साथ कतर, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन जैसे अरब देशों ने स्वागत किया है। यह कदम सीरिया के पुनर्निर्माण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी वापसी के लिए बहुत अहम माना जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 8 जुलाई 2026 को कांग्रेस को आधिकारिक तौर पर सूचित किया कि उनकी सरकार सीरिया पर से यह पुराना टैग हटाना चाहती है। यह फैसला तुर्की के अंकारा में हुए नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रम्प और सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के बीच हुई मुलाकात के बाद लिया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने इस निर्णय को एक ‘ऐतिहासिक कदम’ बताया। उन्होंने कहा कि इस टैग के हटने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के रास्ते खुलेंगे, जिससे सीरिया को फिर से खड़ा होने का मौका मिलेगा और वहां के लोगों के लिए एक नया अध्याय शुरू होगा। वहीं, सीरिया के विदेश मंत्रालय ने 9 जुलाई 2026 को इसे एक ‘महत्वपूर्ण विकास’ बताया और अमेरिका के साथ बेहतर संबंधों की उम्मीद जताई।
सीरिया को सबसे पहले 1979 में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों की सूची में डाला गया था। इस लिस्ट से नाम हटाने के लिए राष्ट्रपति को कांग्रेस को एक रिपोर्ट देनी होती है। इसमें यह प्रमाणित करना जरूरी है कि सीरिया के नेतृत्व और उसकी नीतियों में बुनियादी बदलाव आया है और वह अब अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का समर्थन नहीं करता है।
इस अधिसूचना के बाद अब 45 दिनों की अनिवार्य समीक्षा अवधि शुरू होगी। उम्मीद है कि इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अमेरिका की विदेशी सहायता, रक्षा निर्यात और कुछ वित्तीय लेनदेन पर लगी पाबंदियां हट जाएंगी। इससे सीरिया में विदेशी निवेश बढ़ेगा और देश का राजनयिक पुनर्एकीकरण आसान होगा।
