अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गुरुवार 23 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में खाड़ी क्षेत्र में किसी भी जहाज, कार्गो या संपत्ति को होने वाले नुकसान की भरपाई अमेरिका के पास मौजूद ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति से की जाएगी। राष्ट्रपति ने इसे एक निष्पक्ष और न्यायसंगत कदम बताया है।
ईरान और अमेरिका में बढ़ा तनाव
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे वैश्विक वित्तीय नियमों के खिलाफ एक खतरनाक शुरुआत बताया है। यह स्थिति तब बनी जब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने 23 जुलाई को लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला कर दिया।
समुद्री सुरक्षा और अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी सैन्य बल CENTCOM ने पुष्टि की है कि वे लगातार 13वीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। इन ऑपरेशनों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना है। इन हमलों में ईरान के कमांड सेंटर, ड्रोन स्टोर और रडार साइटों को निशाना बनाया गया है। तनाव के कारण खाड़ी में कमर्शियल जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है। 23 जुलाई को सिर्फ एक जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया, जो 7 मई के बाद से सबसे कम संख्या है। वर्तमान में अमेरिका के पास ईरान की लगभग 2 अरब डॉलर की संपत्ति फ्रीज है, जबकि अन्य देशों में अरबों डॉलर की राशि санкशन के तहत रुकी हुई है।
