अमेरिका के खजाने विभाग ने ईरान के खिलाफ अपनी सख्ती बढ़ा दी है। समुद्र में फंसे ईरान के तेल को बेचने की जो छोटी अवधि की इजाजत दी गई थी, अब उसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। यह फैसला वैश्विक बाजार और उन देशों के लिए बड़ा झटका है जो ईरान से तेल खरीदने में मदद कर रहे थे।

ईरान के तेल की बिक्री पर रोक क्यों लगी?

अमेरिकी सरकार ने 20 मार्च 2026 को एक विशेष छूट दी थी ताकि समुद्र में फंसे करीब 140 मिलियन बैरल कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को बेचा जा सके। इस कदम का मकसद दुनिया में तेल की बढ़ती कीमतों को कंट्रोल करना था। अब अमेरिका ने साफ कर दिया है कि यह छूट 19 अप्रैल 2026 को खत्म हो जाएगी और इसे दोबारा जारी नहीं किया जाएगा।

किन देशों और बैंकों पर पड़ेगा असर?

अमेरिका उन विदेशी बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई करेगा जो ईरान के कामकाज में मदद कर रहे हैं। इसके लिए चीन, हांगकांग, UAE और ओमान को पत्र भेजकर चेतावनी दी गई है। अमेरिका इन देशों के बैंकों के खिलाफ ‘सेकेंडरी सेंक्शन्स’ यानी अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है।

मौजूदा हालात और आगे क्या होगा?

अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत फिलहाल रुकी हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ये बातचीत दो दिनों के भीतर पाकिस्तान में दोबारा शुरू हो सकती है। इस बीच अमेरिकी नेवी ने ईरानी बंदरगाहों से निकलने वाले जहाजों की घेराबंदी शुरू कर दी है, जिसे चीन ने खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.