US Treasury का बड़ा एक्शन, ईरान के 344 मिलियन डॉलर की क्रिप्टो करेंसी फ्रीज, ट्रंप सरकार ने कसा शिकंजा
अमेरिका की ट्रंप सरकार ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए 344 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज कर दी है। अमेरिकी खजाने विभाग (US Treasury) ने यह बड़ी कार्रवाई उन डिजिटल वॉलेट्स पर की है जिनका संबंध ईरान की सरकार और उसकी संस्थाओं से था। इस कदम के जरिए अमेरिका ने ईरान के उन रास्तों को बंद करने की कोशिश की है जिनसे वह प्रतिबंधों के बावजूद पैसा मंगवाता था।
कैसे फ्रीज हुए ईरान के पैसे और इसमें किसकी भूमिका रही?
अमेरिकी खजाने विभाग की OFAC शाखा ने इस पूरे ऑपरेशन को चलाया। इस कार्रवाई में Tether नाम की कंपनी ने अमेरिका का साथ दिया और ट्रोन (Tron) ब्लॉकचेन पर मौजूद दो डिजिटल वॉलेट्स से 344 मिलियन डॉलर के USDT फ्रीज कर दिए। अमेरिकी अधिकारियों ने ब्लॉकचेन एनालिसिस के जरिए पता लगाया कि यह पैसा ईरान के सेंट्रल बैंक और रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ा था। इसे स्टेबलकॉइन के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा फ्रीज माना जा रहा है।
ईरान और क्रिप्टो करेंसी से जुड़े आंकड़ों की पूरी डिटेल
अमेरिकी जांच में ईरान द्वारा क्रिप्टो करेंसी के इस्तेमाल को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| फ्रीज की गई राशि | 344 मिलियन डॉलर |
| करेंसी का प्रकार | USDT (Stablecoin) |
| ब्लॉकचेन नेटवर्क | Tron Blockchain |
| ईरान की कुल क्रिप्टो होल्डिंग (2025) | लगभग 7.8 बिलियन डॉलर |
| IRGC की हिस्सेदारी | कुल होल्डिंग का लगभग 50% |
| कार्रवाई करने वाली एजेंसी | US Treasury / OFAC |
| रणनीति का नाम | Economic Fury |
क्या है ट्रंप सरकार की ‘Economic Fury’ रणनीति?
ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खिलाफ अपनी इस सख्त आर्थिक नीति को ‘Economic Fury’ का नाम दिया है। इसका मुख्य मकसद ईरान के उन वित्तीय रास्तों को खत्म करना है जिनका इस्तेमाल वह हथियारों की खरीद और अन्य गैरकानूनी कामों के लिए करता है। अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंटल ने पहले भी कहा था कि ईरान जैसे देश प्रतिबंधों से बचने के लिए क्रिप्टो करेंसी को पैसे भेजने के औजार की तरह इस्तेमाल करते हैं। अमेरिका अब स्टेबलकॉइन्स पर अपनी नजरें तेज कर रहा है ताकि ईरान जैसे देशों की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।