US Treasury का बड़ा फैसला, अब खरीदे जा सकेंगे रूस का तेल, ईरान युद्ध के बीच तेल की सप्लाई बढ़ाने की कोशिश
अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने रूस के बैन किए गए तेल की खरीद के लिए एक महीने की विशेष छूट दी है। यह फैसला दुनिया भर में तेल की सप्लाई को ठीक करने के लिए लिया गया है क्योंकि ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से तेल की किल्लत हो रही थी। इस फैसले से ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।
रूस के तेल की खरीद के लिए क्या है नया नियम?
अमेरिकी सरकार ने 17 अप्रैल 2026 को यह छूट जारी की है जो 16 मई 2026 तक लागू रहेगी। यह नियम सिर्फ उस तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर लागू होगा जो पहले से जहाजों में लोड होकर समुद्र में हैं। इससे पहले ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया था कि इस छूट को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा लेकिन बाद में ट्रंप प्रशासन ने अपना फैसला बदल दिया।
ईरान युद्ध और तेल संकट का क्या असर होगा?
अमेरिका और इसराइल का ईरान के साथ युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। इस युद्ध की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबफ ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी तो वे हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर देंगे। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शांति समझौते को लेकर उम्मीद जताई है।
मुख्य जानकारी और जरूरी तारीखें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| छूट जारी होने की तारीख | 17 अप्रैल 2026 |
| छूट खत्म होने की तारीख | 16 मई 2026 |
| युद्ध की शुरुआत | 28 फरवरी 2026 |
| मुख्य अधिकारी | स्कॉट बेसेंट (ट्रेजरी सचिव) |
| फायदा उठाने वाले देश | भारत और फिलीपींस |
| नियम का प्रकार | जनरल लाइसेंस (OFAC द्वारा जारी) |
| वर्तमान स्थिति | ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी |