अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ नाम से एक बड़ा अभियान शुरू किया है। अमेरिकी खजाना सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) बड़ी मात्रा में पैसा चोरी-छिपे विदेशों में भेजने की कोशिश कर रही है। इस कार्रवाई के तहत करोड़ों डॉलर के डिजिटल वॉलेट्स को फ्रीज़ कर दिया गया है ताकि ईरान की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।

ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी क्या है और कितने पैसे फ्रीज़ हुए?

अमेरिकी सरकार ने ईरान की वित्तीय लाइफलाइन को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया है। इस ऑपरेशन के तहत Tether नाम की कंपनी ने ट्रोन ब्लॉकचेन के दो एड्रेस से कुल 344 मिलियन डॉलर (USDT) फ्रीज़ किए हैं। Chainalysis कंपनी ने ऑन-चेन डेटा के जरिए इन वॉलेट्स की पहचान की थी, जो IRGC से जुड़े पाए गए। इसमें से एक वॉलेट में करीब 213 मिलियन डॉलर और दूसरे में 131 मिलियन डॉलर मौजूद थे। अमेरिका ने साफ किया कि वह उन सभी रास्तों को बंद करेगा जिनसे ईरान पैसा बाहर भेजने की कोशिश कर रहा है।

विवरण डेटा/जानकारी
कुल फ्रीज़ की गई राशि 344 मिलियन डॉलर
पहले वॉलेट की राशि 213 मिलियन डॉलर
दूसरे वॉलेट की राशि 131 मिलियन डॉलर
प्रतिबंधित शिपिंग कंपनियां और जहाज लगभग 40
प्रतिबंधित चीनी रिफाइनरी Hengli Petrochemical
संबंधित संस्थाएं IRGC, सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान, हिजबुल्लाह

ईरान के पैसे रोकने के लिए अमेरिका ने और क्या कदम उठाए?

क्रिप्टो करेंसी के अलावा अमेरिका ने ईरान के तेल व्यापार पर भी कड़ा प्रहार किया है। चीन की हेन्गली पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी और ईरान के तेल निर्यात से जुड़ी करीब 40 शिपिंग फर्मों और जहाजों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। सचिव स्कॉट बेसेंट ने 25 अप्रैल 2026 को बताया कि ईरान अब अपने पैसों को विदेश भेजने के लिए ‘कुकिंग ऑयल’ के जरिए व्यापार कर रहा है, जो वहां की आर्थिक बदहाली को बताता है। इससे पहले जनवरी 2026 में भी बेसेंट ने कहा था कि ईरानी नेता करोड़ों डॉलर लेकर देश छोड़ रहे हैं।