US Treasury New Rule: अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार पर कसा शिकंजा, चीनी रिफाइनरी और 40 जहाजों पर लगा प्रतिबंध
अमेरिका ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी खजाना विभाग ने ईरान के तेल व्यापार में मदद करने वाले जहाजों और बिचौलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस कदम का मकसद ईरान के तेल को ग्लोबल मार्केट तक पहुँचने से रोकना और उसकी आर्थिक ताकत को कम करना है।
ईरान के तेल नेटवर्क और किन कंपनियों पर गिरी गाज
अमेरिकी खजाना सचिव Scott Bessent ने बताया कि अमेरिका ईरान की “शैडो फ्लीट” यानी गुप्त जहाजों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करेगा। इस कार्रवाई में चीन की Hengli Petrochemical (Dalian) Refinery Co., Ltd. को निशाना बनाया गया है, जिसने अरबों डॉलर का ईरानी तेल खरीदा था। इसके अलावा 40 शिपिंग कंपनियों और जहाजों पर भी बैन लगाया गया है क्योंकि वे ईरान के तेल को दुनिया भर में पहुँचाने में मदद कर रहे थे।
करोड़ों डॉलर फ्रीज और ‘Economic Fury’ पॉलिसी का असर
अमेरिका ने ईरान से जुड़े कई डिजिटल वॉलेट्स पर पाबंदी लगा दी है, जिससे करीब 344 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज हो गई है। यह सब राष्ट्रपति Donald Trump के निर्देशों और “Economic Fury” नाम की पॉलिसी के तहत किया गया है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज या कंपनी ईरानी तेल की सप्लाई में मदद करेगी, उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु लक्ष्यों और मिडिल ईस्ट में उसकी गतिविधियों को रोकना है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 24 अप्रैल 2026 |
| घोषणा करने वाले | Scott Bessent (अमेरिकी खजाना सचिव) |
| मुख्य लक्ष्य | ईरान का तेल नेटवर्क और शैडो फ्लीट |
| प्रभावित चीनी कंपनी | Hengli Petrochemical (Dalian) Refinery |
| प्रतिबंधित जहाज/कंपनियां | 40 कंपनियां और जहाज |
| फ्रीज की गई रकम | 344 मिलियन डॉलर (क्रिप्टोकरेंसी) |
| पॉलिसी का नाम | Economic Fury |
| कानूनी आदेश | Executive Order 13902 |