अमेरिका के खजाना मंत्री Scott Bessent ने ईरान के तेल कारोबार को रोकने के लिए एक सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा है कि जो जहाज और कंपनियां ईरान का तेल बेच रही हैं, उन्हें पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा. इस बड़े कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई और ईरान की कमाई पर गहरा असर पड़ सकता है.
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अमेरिका ईरान के तेल व्यापार को कैसे रोक रहा है?
अमेरिकी सरकार ‘Operation Economic Fury’ के तहत ईरान पर आर्थिक दबाव बना रही है. इसके लिए सरकार ने कई रणनीतियां अपनाई हैं:
- जहाजों पर पाबंदी: ईरान के तेल को दुनिया भर में ले जाने वाले जहाजों और बिचौलिया कंपनियों को टारगेट किया जा रहा है.
- फाइनेंशियल नेटवर्क: FinCEN ने दुनिया भर के बैंकों को अलर्ट किया है कि वे IRGC (ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) के पैसों के लेन-देन को पहचानें और उन्हें रोकें.
- चीन पर नजर: चीन की छोटी तेल रिफाइनरियों पर खास नजर रखी जा रही है क्योंकि वहां ईरान का तेल काफी मात्रा में जाता है.
- नौसैनिक नाकाबंदी: अमेरिकी नेवी ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रही है ताकि regime की कमाई के मुख्य स्रोत को खत्म किया जा सके.
ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की टाइमलाइन और मुख्य अपडेट
पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका ने ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं, जिसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| तारीख | की गई कार्रवाई/अपडेट |
|---|---|
| 22 अप्रैल 2026 | बंदरगाहों की नाकाबंदी और तेल कुओं को बंद करने की चेतावनी दी गई |
| 29 अप्रैल 2026 | Kharg Island के स्टोरेज फुल होने और उत्पादन गिरने की बात कही गई |
| 11 मई 2026 | IRGC के तेल ऑपरेशन्स पर दबाव बढ़ाने का ऐलान हुआ |
| 15 मई 2026 | FinCEN ने वित्तीय संस्थानों को IRGC नेटवर्क रोकने का आदेश दिया |
| 18 मई 2026 | चीन को तेल भेजने वाले 12 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए |
| 19 मई 2026 | जहाजों और बिचौलिया कंपनियों को पूरी तरह बंद करने का ऐलान हुआ |
इस विवाद का अन्य देशों और तेल बाजार पर क्या असर होगा?
इस तनाव के कारण सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों में चिंता बढ़ गई है. ईरान ने 24 अप्रैल को धमकी दी थी कि अगर उसके तेल ढांचे पर हमला हुआ, तो वह सऊदी अरब के तेल केंद्रों पर जवाबी हमला कर सकता है. दूसरी तरफ, अमेरिका ने रूसी तेल के आयात के लिए 30 दिनों की छूट दी है ताकि दुनिया भर में तेल की कमी न हो, क्योंकि ईरान युद्ध की स्थिति की वजह से ग्लोबल सप्लाई में गिरावट आई है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान के तेल व्यापार को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
अमेरिका ने ‘Operation Economic Fury’ शुरू किया है, जिसके तहत तेल ले जाने वाले जहाजों, बिचौलिया कंपनियों और IRGC के फाइनेंशियल नेटवर्क को टारगेट किया जा रहा है.
क्या इस विवाद से ग्लोबल तेल सप्लाई पर असर पड़ेगा?
हां, ईरान की सप्लाई घटने से कमी हो सकती है, इसीलिए अमेरिका ने रूसी तेल के आयात के लिए 30 दिनों का विस्तार दिया है ताकि बाजार स्थिर रहे.
