US Treasury का बड़ा एक्शन, ईरान से जुड़ी कंपनियों और लोगों पर लगाए कड़े प्रतिबंध, ‘Economic Fury’ के तहत हुई कार्रवाई

अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। 21 अप्रैल 2026 को उन कंपनियों और लोगों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए, जो ईरान के ड्रोन और मिसाइल प्रोग्राम में मदद कर रहे थे। यह पूरी कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में ‘Economic Fury’ अभियान का हिस्सा है, ताकि ईरान सरकार तक पहुँचने वाले पैसों के रास्ते बंद किए जा सकें।

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किन कंपनियों और लोगों पर लगे प्रतिबंध?

अमेरिका के OFAC ने ईरान, तुर्की और UAE में मौजूद 14 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं। इन पर आरोप है कि ये ईरान के लिए हथियार और उनके पुर्जे जुटाने का काम कर रहे थे। इस लिस्ट में Mahan Air नाम की एयरलाइन और उसके बोर्ड मेंबर्स के नाम भी शामिल हैं, जिन पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की मदद करने का आरोप लगाया गया है।

तेल तस्करी और फंडिंग पर कैसी लगी लगाम?

सिर्फ हथियार ही नहीं, अमेरिका ने ईरान के तेल व्यापार पर भी प्रहार किया है। 15 अप्रैल को मोहम्मद हुसैन शामखानी के नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाए गए, जो अवैध तरीके से तेल बेच रहे थे। साथ ही, लेबनान के हिज़बुल्लाह को मिलने वाले पैसों और वेनेजुएला के सोने के बदले तेल बेचने वाले नेटवर्क को भी निशाना बनाया गया है। 19 अप्रैल से ईरान के तेल पर मिली अस्थायी छूट को भी खत्म कर दिया गया है।

अमेरिकी सरकार ने क्या चेतावनी दी है?

ट्रेजरी Secretary Scott Bessent ने साफ कहा कि ईरान को आम लोगों और ग्लोबल एनर्जी मार्केट को निशाना बनाने के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने दुनिया भर के बैंकों को चेतावनी दी है कि जो भी देश या संस्था तेहरान की आतंकवादी गतिविधियों में मदद करेगी, उन पर भी ‘सेकेंडरी सेंक्शन्स’ लगाए जाएंगे। अमेरिका अब ईरान के नेताओं के ग्लोबल फंड्स को फ्रीज करने की तैयारी में है।