Iran War Update: तेल और गैस की कीमतों को काबू में रखेगा अमेरिका, US ट्रेजरी सेक्रेटरी ने किया बड़ा ऐलान
दुनिया भर में ईरान युद्ध की वजह से तेल और गैस की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। आम आदमी की जेब पर पड़ने वाले इस असर को रोकने के लिए अमेरिका ने अब ठोस कदम उठाए हैं। US ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने साफ किया है कि उनकी सरकार पूरी कोशिश कर रही है ताकि एनर्जी मार्केट पर इस युद्ध का बुरा असर न पड़े।
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तेल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए अमेरिका ने क्या किया?
अमेरिकी सरकार ने 18 अप्रैल 2026 को एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने रूसी तेल खरीदने की छूट को 16 मई तक बढ़ा दिया है। इस कदम का मकसद यह है कि बाजार में तेल की कमी न हो और कीमतें अचानक न बढ़ें। हालांकि, Treasury Department ने साफ किया है कि यह छूट ईरान, क्यूबा या उत्तर कोरिया के साथ होने वाले किसी भी लेन-देन पर लागू नहीं होगी।
ईरान पर दबाव और अन्य देशों के साथ बातचीत का क्या अपडेट है?
Scott Bessent ने 19 अप्रैल को बहरीन, कतर और कनाडा के वित्त मंत्रियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने ईरान के हमलों को रोकने और मार्केट को सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता जताई। दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए 19 अप्रैल से तेल प्रतिबंधों में दी गई अस्थायी ढील को खत्म कर दिया है। सेक्रेटरी Bessent ने इसे ईरान के खिलाफ एक बड़े आर्थिक हमले जैसा बताया है।
मार्केट और भविष्य की स्थिति पर क्या जानकारी मिली?
US एनर्जी सेक्रेटरी Chris Wright ने संकेत दिया है कि गैस की कीमतें अगले साल तक 3 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर रह सकती हैं, हालांकि युद्ध खत्म होने के बाद इसमें कमी आएगी। International Energy Agency (IEA) ने इस स्थिति को इतिहास की सबसे बड़ी सप्लाई रुकावट कहा है। इसी बीच, राष्ट्रपति Trump ने ईरान पर युद्ध की धमकी दी है और बातचीत के लिए अधिकारियों को पाकिस्तान भेजने का ऐलान किया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| US ट्रेजरी सेक्रेटरी | Scott Bessent |
| रूसी तेल छूट की तारीख | 16 मई 2026 तक |
| ईरान तेल छूट की समाप्ति | 19 अप्रैल 2026 |
| बैठक वाले देश | बहरीन, कतर और कनाडा |
| गैस की संभावित कीमत | 3 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर |
| अगली बातचीत की जगह | पाकिस्तान |
| IEA का बयान | सबसे बड़ी सप्लाई रुकावट |