अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान कोशिश कर रहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से पैसे वसूले, लेकिन अमेरिका ने इसे नाकाम कर दिया है। अमेरिकी खजाना सचिव Scott Bessent ने साफ कहा है कि ईरान को इस कोशिश से कोई खास फायदा नहीं हो रहा है।
अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को क्या चेतावनी दी?
US Treasury के Office of Foreign Assets Control (OFAC) ने 2 मई 2026 को एक अलर्ट जारी किया। इसमें कहा गया है कि जो भी शिपिंग कंपनियां ईरान को सुरक्षित रास्ते के लिए पैसे देंगी, उन पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे। यह भुगतान कैश, डिजिटल एसेट्स, ऑफसेट्स, या ईरानी दूतावासों के जरिए नहीं होना चाहिए।
ईरान और चीनी कंपनी पर क्यों लगे प्रतिबंध?
अमेरिका ने तीन ईरानी विदेशी मुद्रा विनिमय केंद्रों और एक चीनी कंपनी Qingdao Haiye Oil Terminal पर प्रतिबंध लगाए हैं। इन पर ईरानी तेल के आयात और स्टोरेज में मदद करने का आरोप है। साथ ही, 13 अप्रैल 2026 से अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है। US Central Command के मुताबिक, अब तक 45 से 48 कमर्शियल जहाजों को वापस मुड़ना पड़ा है।
तेल की कीमतों और शांति समझौते पर क्या अपडेट है?
खजाना सचिव Scott Bessent ने कहा है कि भविष्य के अनुमानों के मुताबिक तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। वहीं, राष्ट्रपति Donald Trump ने 2 मई 2026 को ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया और बताया कि वह इस प्रस्ताव से खुश नहीं हैं। दूसरी तरफ, ईरान की संसद में एक ऐसा कानून लाने की तैयारी है जिससे जहाजों को ईरान की मंजूरी के बाद ही रास्ता मिलेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में क्या विवाद चल रहा है?
ईरान जहाजों को अपने तट के करीब से ले जाने और सुरक्षित रास्ते के बदले फीस वसूलने की कोशिश कर रहा है, जबकि अमेरिका ने वहां नाकाबंदी कर रखी है।
अगर शिपिंग कंपनियां ईरान को पैसे देती हैं तो क्या होगा?
अमेरिकी खजाना विभाग (OFAC) के नियमों के मुताबिक, ऐसी कंपनियों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।