अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने ईरान के साथ चल रहे तनाव और युद्ध के खर्च को लेकर एक अहम बयान दिया है। 12 मार्च 2026 को ब्रिटेन के Sky News को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ किया कि युद्ध के खर्च को लेकर वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विरोध नहीं करेंगे। उनसे पूछा गया था कि क्या कोई ऐसा खर्च का आंकड़ा है जिसके बाद वह ट्रंप को यह युद्ध रोकने के लिए कहेंगे, इस पर उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है।

इंटरव्यू में क्या हुआ सवाल और जवाब

अल जजीरा इंग्लिश (Al Jazeera English) की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेजरी सचिव Scott Bessent से यह सवाल किया गया था कि क्या ईरान युद्ध का खर्च इतना बढ़ सकता है कि उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप को टोकना पड़े। इसके जवाब में उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा कि ऐसा कोई आंकड़ा या खर्च सीमा नहीं है जो उन्हें ट्रंप का विरोध करने पर मजबूर करे। अभी तक अमेरिका के ट्रेजरी विभाग की तरफ से इस बयान को लेकर कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी नहीं किया गया है।

जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान भी अमेरिकी सरकार ने ईरान पर भारी दबाव बनाने और कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। अब इस नए बयान से यह बात सामने आई है कि अमेरिका ईरान के मुद्दे पर वित्तीय समर्थन जारी रखेगा। इस मामले में कोई खास नियम या खर्च का नंबर अलग से नहीं बताया गया है।

गल्फ और आम लोगों पर इस खबर का असर

जब अमेरिका जैसे बड़े देश युद्ध में लंबा और भारी खर्च करते हैं, तो इसका सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलता है। गल्फ देशों में रहने वाले और वहां काम करने वाले भारतीयों के लिए भी ऐसी अंतरराष्ट्रीय घटनाओं की जानकारी रखना जरूरी होता है। युद्ध की वजह से क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आ सकता है, जिसका असर गल्फ देशों के मार्केट और वहां रहने वाले प्रवासियों पर पड़ता है।

फिलहाल इस मामले में कोई नए नियम या खर्च के आंकड़े आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किए गए हैं। ट्रेजरी सचिव के इस इंटरव्यू ने सिर्फ यह स्पष्ट किया है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ अपने अभियान में पैसे और बजट को रुकावट नहीं बनने देगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.