अमेरिका ने ईरान के खिलाफ शुरू किया आर्थिक D-Day, स्कॉट बेसेंट ने कहा सबसे बड़ा वित्तीय हमला.

Nura Basta24 August 20263 min read57 viewsWorld
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ शुरू किया आर्थिक D-Day, स्कॉट बेसेंट ने कहा सबसे बड़ा वित्तीय हमला.

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने रविवार, 23 अगस्त 2026 को यह एलान किया कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खिलाफ अपने अभियान के आखिरी दौर में कदम रख दिया है। उन्होंने इस नए कदम को Economic D-Day का नाम दिया है और इसे किसी दुश्मन देश के खिलाफ इतिहास का सबसे बड़ा वित्तीय हमला बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए उन्होंने यह दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से खत्म कर दिया है और उसकी लगभग सभी मिलिट्री फैक्ट्रियों को तबाह करने के साथ ही उसके परमाणु कार्यक्रम को भी रोक दिया है। उन्होंने ईरान पर यह भी आरोप लगाया कि वह सुरक्षा गारंटियों का इस्तेमाल जबरन वसूली के रूप में कर रहा था और अब ईरान की नरमी पर भरोसा करने का दौर पूरी तरह से समाप्त हो चुका है।

ईरान को आर्थिक रूप से पूरी तरह अलग-थलग करने की तैयारी

इससे पहले 20 अगस्त 2026 को स्कॉट बेसेंट ने इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाने की कसम खाई थी, जिसे उन्होंने दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा समन्वित आर्थिक अलगाव बताया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग अब अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों और अन्य देशों पर यह दबाव बनाने की योजना बना रहा है कि वे अमेरिका और ईरान में से किसी एक को चुनें। अमेरिका ने यह साफ कर दिया है कि तेहरान के साथ तेल की खरीद, पैसों के लेन-देन या समुद्री जहाजों के जरिए व्यापार जारी रखने वाले किसी भी देश के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। इस अमेरिकी रणनीति का मुख्य उद्देश्य ईरानी शासन के हर एक आर्थिक सहारे को पूरी तरह से काटना है, ताकि वह देश वैश्विक स्तर पर बिल्कुल अकेला पड़ जाए।

इस बढ़ते हुए वित्तीय और आर्थिक दबाव का कड़ा जवाब देते हुए ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने 24 अगस्त 2026 को चेतावनी दी कि तेहरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होने वाले सभी तेल निर्यात को पूरी तरह से रोक सकता है। मोहसेन रेजाई ने यह भी एलान किया कि जो भी देश अमेरिका के इस आर्थिक अभियान का समर्थन करेगा, ईरान उसे युद्ध की कार्रवाई के रूप में देखेगा। इसी बीच पर्सियन गल्फ शिपिंग एसोसिएशन यानी PGSA ने भी एक्स के माध्यम से एक बयान जारी किया है, जिसमें यह चेतावनी दी गई है कि जो भी समुद्री जहाज स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के लिए ईरान के बनाए गए नियमों का उल्लंघन करेंगे, उन्हें भारी जुर्माने, जहाज रोके जाने या फिर पूरी तरह से जब्त किए जाने जैसी कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा।

भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने किसी भी समय तेहरान के साथ बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया है और अपनी खुली सोच दिखाई है, लेकिन साथ ही उन्होंने आर्थिक दबाव को और अधिक बढ़ा दिया है। राष्ट्रपति ने 20 अगस्त 2026 को यह बात कही थी कि मौजूदा प्रतिबंधों के बावजूद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल का प्रवाह अभी भी लगातार जारी है। इस पूरी रणनीति और आगे की नीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी देने के लिए ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट सोमवार, 24 अगस्त 2026 को एक औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, जिसमें इस अभियान से जुड़ी कई और बड़ी बातें सामने आएंगी।

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