अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की कड़ी कार्रवाई और आर्थिक दबाव के कारण ही ईरान परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की मेज पर वापस आया है। सेक्रेटरी Bessent ने व्हाइट हाउस की ब्रीफिंग में बताया कि इस समय ईरान की अर्थव्यवस्था और उसकी करेंसी पूरी तरह से गिर चुकी है। अमेरिका अब ईरान पर शिकंजा और कसने की तैयारी में है जिसके तहत ईरानी एयरलाइंस पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।

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अमेरिका ने ईरान के सामने रखी हैं ये सख्त शर्तें

अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ कोई भी समझौता तभी संभव होगा जब वह अमेरिका की शर्तों को पूरा करेगा। सेक्रेटरी Bessent के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:

  • ईरान को अपना अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (highly enriched uranium) सौंपना होगा।
  • ईरान को यह प्रतिबद्धता देनी होगी कि वह भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह से स्वतंत्र और सुरक्षित रखना होगा।

ईरानी एयरलाइंस और पीजीएसए (PGSA) पर प्रतिबंधों की तैयारी

अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए कई नए और कड़े कदम उठाए हैं। अमेरिका अब ईरानी एयरलाइंस के विमानों को लैंडिंग स्पॉट, ईंधन (refueling) और टिकट बिक्री की सुविधाओं से पूरी तरह दूर करने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है। इसके अलावा ट्रेजरी विभाग ने ईरान की ‘Persian Gulf Strait Authority’ (PGSA) पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिकी नौसेना ने ईरान के चारों तरफ तेल निर्यात को रोकने के लिए एक मजबूत घेरा बनाया है ताकि ईरान की अवैध कमाई को रोका जा सके।

ओमान की मध्यस्थता से चल रही है बातचीत

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत अप्रैल 2025 में शुरू हुई थी जिसमें खाड़ी देश ओमान एक मध्यस्थ (intermediary) की भूमिका निभा रहा है। इस बातचीत का मुख्य केंद्र ईरान के यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) की सीमा और उसके स्टॉक को नियंत्रित करना है। अमेरिका का इरादा ईरान के परमाणु हथियारों के रास्ते को पूरी तरह से बंद करना है जिसके लिए वह सभी आर्थिक और सैन्य दबावों का इस्तेमाल कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान की किस अथॉरिटी पर प्रतिबंध लगाया है?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान की ‘Persian Gulf Strait Authority’ (PGSA) पर प्रतिबंध लगाया है और किसी भी प्रकार के टोल टैक्स के भुगतान के खिलाफ चेतावनी जारी की है।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थ कौन सा देश है?

दोनों देशों के बीच अप्रैल 2025 से शुरू हुई इस परमाणु बातचीत में खाड़ी देश ओमान मध्यस्थ (intermediary) की भूमिका निभा रहा है।