अमेरिका ने रूस और ईरान के तेल की बिक्री को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। US Treasury Secretary Scott Bessent ने साफ कर दिया है कि अब उन लाइसेंस को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा जिनसे समुद्र में फंसे तेल को बेचा जा रहा था। इस फैसले से ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ सकता है।

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अमेरिका ने तेल के लाइसेंस क्यों रोके?

अमेरिकी सरकार ने रूस और ईरान के लिए दिए गए अस्थायी लाइसेंस खत्म करने का फैसला किया है। रूसी तेल का 30 दिन का छूट वाला नियम 11 अप्रैल को खत्म हो गया और इसे आगे नहीं बढ़ाया गया। वहीं ईरान के लिए दिया गया लाइसेंस 19 अप्रैल को खत्म हो जाएगा। Secretary Bessent ने बताया कि यह तेल 11 मार्च से पहले समुद्र में मौजूद था और अब उसका समय पूरा हो गया है।

ईरान और अन्य देशों पर क्या होगा असर?

ट्रम्प प्रशासन अब तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रतिबंधों में ढील नहीं देगा। अमेरिका ने ईरान के तेल ले जाने वाले जहाजों और कंपनियों पर नए कड़े प्रतिबंध भी लगाए हैं, जिसे ‘Economic Fury’ कैंपेन कहा जा रहा है। साथ ही, उन विदेशी बैंकों को चेतावनी दी गई है जो ईरान की मदद कर रहे हैं, उन पर भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

भारत और दुनिया पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

इन छूटों का सबसे ज्यादा फायदा भारत जैसे देशों को मिल रहा था, जो रूसी तेल खरीद रहे थे। अब लाइसेंस खत्म होने से सप्लाई चैन में बदलाव आ सकता है। अमेरिका का मानना है कि इस क्षेत्र में युद्ध की वजह से जो ऊर्जा संकट पैदा हुआ था, अब उसमें सुधार हो रहा है, इसलिए अब इन विशेष छूटों की जरूरत नहीं है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.