U.S. Central Command (CENTCOM) ने 14 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 50,000 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं। यह तैनाती ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है, जहाँ अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार तीसरे दिन हमले किए और ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी फिर से लागू कर दी है।
हमले और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति
अमेरिकी सेना ने ईरान के Bandar Abbas Naval Base में मौजूद जहाज और पनडुब्बी रखरखाव केंद्र को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन में पहली बार Corsair समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। राष्ट्रपति Donald Trump ने अमेरिका को Hormuz Strait का संरक्षक घोषित किया है और यहाँ से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20 प्रतिशत तक शुल्क लगाने के संकेत दिए हैं।
क्षेत्र में असर और नुकसान
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। इस संघर्ष के दौरान अब तक 14 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जिसमें हाल ही में अरब सागर में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जान गंवाने वाले एक नेवी पायलट भी शामिल हैं। सोमवार, 13 जुलाई तक 400 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर को सिर में गंभीर चोटें आई हैं।
