मध्य पूर्व में तनाव के बीच अमेरिका अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते USS George H.W. Bush विमान वाहक जहाज़ के ज़रिए लगभग 6,000 अमेरिकी सैनिक इस क्षेत्र में पहुँच रहे हैं। यह कदम ईरान पर दबाव बनाने और सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए उठाया गया है।

अमेरिका क्यों भेज रहा है इतने सारे सैनिक और जहाज़?

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह उनकी ‘मैक्सिमम प्रेशर’ पॉलिसी का हिस्सा है। इसका मकसद ईरान को संघर्ष खत्म करने और परमाणु कार्यक्रम रोकने पर मजबूर करना है। डिफेंस सेक्रेटरी Pete Hegseth ने साफ़ किया कि सरकार बातचीत से समाधान चाहती है, लेकिन सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस सैन्य तैनाती में और क्या-क्या शामिल है?

USS George H.W. Bush के साथ लगभग 90 विमान और हेलीकॉप्टर भी आ रहे हैं। यह जहाज़ पहले से मौजूद USS Gerald R. Ford और USS Abraham Lincoln के साथ मिलेगा, जिससे इस क्षेत्र में तीन विमान वाहक जहाज़ों की मौजूदगी होगी। इसके अलावा, अप्रैल के अंत तक 4,200 और सैनिक और 82nd Airborne Division के जवान भी यहाँ पहुँचेंगे।

ईरान के साथ युद्धविराम और अन्य चुनौतियाँ क्या हैं?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम को आगे बढ़ा दिया है, जो अगले 3 से 5 दिनों तक चल सकता है। वहीं, लाल सागर में हूतियों के खतरे की वजह से USS George H.W. Bush को अफ्रीका के रास्ते लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ा। यह जहाज़ 20 अप्रैल के आसपास दक्षिण अफ्रीका के तट पर देखा गया था।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.