अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर होने वाले हमलों को अचानक रोक दिया है। उनका कहना है कि बातचीत में बड़ी कामयाबी मिली है और एक समझौते पर सहमति बन गई है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस बात से इनकार किया है और कहा है कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
ट्रंप का दावा और समझौते की बातें
Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर बताया कि उन्होंने ईरान पर होने वाले बमबारी और हमलों को रद्द कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते पर अमेरिका, सऊदी अरब, UAE, कतर, तुर्की, पाकिस्तान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और मिस्र जैसे देशों की सहमति है। ट्रंप का कहना है कि इस डील के बाद ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा।
ट्रंप ने यह भी कहा कि इस समझौते पर ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei की मंजूरी मिल गई है। उन्होंने बताया कि इस डील के कागजों पर साइन करने के लिए Vice President JD Vance, Steve Witkoff और Jared Kushner यूरोप जाएंगे।
ईरान ने दावों को नकारा
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने ट्रंप के दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि ईरान अभी किसी अंतिम फैसले पर नहीं पहुंचा है और वह अपनी बुनियादी शर्तों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि डील कहां और कब साइन होगी, इस बारे में अभी कुछ भी तय नहीं है और ऐसी खबरें सिर्फ अटकलें हैं।
तनाव और भारतीय नाविकों की मौत
पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में काफी तनाव था। 10 जून को Strait of Hormuz में एक अमेरिकी Apache हेलीकॉप्टर गिराया गया था, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान पर हमले किए थे। 11 जून को अमेरिका ने ईरान के दो ड्रोन भी मार गिराए थे।
इसी बीच, ओमान के तट पर अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इस घटना के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के ऑफिस को ट्रंप के इस फैसले की पहले से जानकारी नहीं थी और वे इस खबर से हैरान रह गए।
