US President Donald Trump का दावा, ईरान नहीं बनाएगा परमाणु हथियार, पाकिस्तान की मदद से हो सकता है बड़ा समझौता
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान अब परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और अपना संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) भी सौंप देगा। इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने बीच-बचाव की अहम भूमिका निभाई है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर समझौता पक्का हो जाता है, तो वह इस्लामाबाद की यात्रा करेंगे।
Trump के दावे और पाकिस्तान की भूमिका क्या है?
राष्ट्रपति Trump का मानना है कि ईरान के साथ परमाणु समझौता अब बहुत करीब है और स्थिति काफी अच्छी दिख रही है। उन्होंने पाकिस्तान के प्रयासों की तारीफ की, जिसने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवाई। पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ Field Marshal Asim Munir ने इस सिलसिले में तेहरान का दौरा भी किया था। ट्रंप ने इस यूरेनियम को “nuclear dust” कहा है जिसे ईरान को वापस करना होगा।
ईरान और IAEA ने इस पर क्या कहा?
भले ही ट्रंप ने समझौते की बात कही हो, लेकिन ईरान ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि यूरेनियम के स्टॉक और पाबंदियों को लेकर अभी भी बड़े मतभेद हैं। वहीं, IAEA के डायरेक्टर जनरल Rafael Grossi ने चेतावनी दी है कि किसी भी समझौते में जांच के कड़े इंतजाम होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ समझौते का भ्रम पालना सही नहीं होगा।
| मुख्य पक्ष | स्थिति या भूमिका |
|---|---|
| Donald Trump | ईरान द्वारा परमाणु हथियार न बनाने का दावा किया |
| ईरान | दावे की पुष्टि नहीं की, प्रतिबंध हटाने की मांग की |
| पाकिस्तान | मध्यस्थ के रूप में काम किया |
| IAEA | कड़ी निगरानी और वेरिफिकेशन की मांग की |
| JD Vance | इस्लामाबाद में बातचीत की लेकिन डील नहीं हुई |
| Asim Munir | मध्यस्थता के लिए तेहरान का दौरा किया |
| तारीख | 16 अप्रैल 2026 |
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा है कि अभी तक युद्धविराम (ceasefire) को आगे बढ़ाने पर कोई सहमति नहीं बनी है। ईरान का कहना है कि उसे शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा का अधिकार है। इससे पहले इस्लामाबाद में उच्च स्तरीय बैठकें हुई थीं, लेकिन यूरेनियम के भंडार और समय सीमा को लेकर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई थी।