अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 28 जुलाई 2026 को ईरान के ‘पिकएक्स माउंटेन’ और वहां के नागरिक बुनियादी ढांचे जैसे पुलों को निशाना बनाने की अपनी धमकी को फिर से दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर ईरान के साथ परमाणु समझौते पर बात नहीं बनती है, तो यह कार्रवाई की जा सकती है। यह बयान उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू के दौरान दिया।
इजरायली प्रधानमंत्री से मुलाकात पर चर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह ईरान के साथ ‘अच्छी बातचीत’ कर रहे हैं। उन्होंने Pickaxe Mountain के महत्व को कमतर आंकते हुए कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu अक्सर इस मुद्दे को उठाते हैं ताकि अमेरिका का ध्यान इस ओर बना रहे। ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस साइट की जानकारी के लिए नेटन्याहू की जरूरत नहीं है। इसी दिन दोनों नेताओं की मुलाकात तय है, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है।
क्या है पिकएक्स माउंटेन और मानवाधिकारों का मुद्दा
पिकएक्स माउंटेन, जिसे Kuh-e Kolang Gaz La या Mount Kolang के नाम से भी जाना जाता है, नतांज परमाणु सुविधा के पास स्थित एक गहरा भूमिगत केंद्र है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को शक है कि यहां बिना घोषित किए यूरेनियम संवर्धन का काम चल रहा है। Human Rights Watch जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि नागरिक ठिकानों पर जानबूझकर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत युद्ध अपराध है।
ईरान की प्रतिक्रिया और तनाव की स्थिति
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने अमेरिका पर युद्ध की भूख रखने का आरोप लगाया है और कहा है कि ये धमकियां अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं। हालांकि 27 जुलाई 2026 को दोनों देशों के बीच तनाव में थोड़ी कमी देखी गई थी और हमले रुके थे, लेकिन ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी कार्रवाई दोबारा शुरू हुई तो वे अपने हमले फिर से तेज कर देंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्ता तलाशने की कोशिशें जारी हैं।
