अमेरिका और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने साफ तौर पर कहा है कि राष्ट्रपति Trump का ईरान के लिए सब्र अब खत्म होने वाला है। इस बयान के बाद दुनिया भर में हलचल मच गई है और लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आगे क्या होगा।

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UN में अमेरिका के राजदूत Mike Waltz ने 29 जून को बताया कि राष्ट्रपति Trump का सब्र अब जवाब दे रहा है और यह हमेशा के लिए नहीं रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान को लगता है कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमलों के दौरान Trump चुप रहेंगे, तो वे बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं। इसी तरह, Treasury Secretary Scott Bessent ने 28 मई को कहा था कि अमेरिका के पास असीमित सब्र नहीं है, हालांकि Trump हमेशा शांति समझौता करना पसंद करते हैं।

खुद राष्ट्रपति Trump ने 1 जुलाई को कहा कि उनका सब्र अब खत्म हो रहा है और ईरान को जल्द ही एक डील कर लेनी चाहिए। इसके बावजूद उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि परमाणु हथियारों को खत्म करने की प्रक्रिया सही चल रही है और दोनों देशों के बीच तालमेल अच्छा बैठ रहा है। White House की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने बताया कि सरकार का लक्ष्य Strait of Hormuz को खुला रखना और ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करना है, जिससे वैश्विक तेल बाजार सुरक्षित रहे।

बातचीत की बात करें तो अमेरिका और ईरान के बीच Qatar और Pakistan की मदद से Doha में गुप्त चर्चा हुई, जो 1 जुलाई को खत्म हुई। इस बातचीत में सकारात्मक प्रगति देखी गई और मुख्य रूप से Strait of Hormuz के संचालन और ईरान की जमी हुई संपत्ति को वापस करने पर चर्चा हुई। अगले दौर की बातचीत 4 से 9 जुलाई के बीच होगी, जो ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के जनाजे के बाद तय की गई है। इससे पहले 18 जून को एक समझौता (MOU) भी साइन हुआ था ताकि दुश्मनी रुके और रास्ता खुले।

तनाव तब और गहरा गया जब 2 जुलाई को UN Security Council की एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई। यह मीटिंग Bahrain की मांग पर हुई क्योंकि ईरान ने Bahrain पर हमला किया था। इस मीटिंग में Bahrain के विदेश मंत्री Abdullatif Bin Rashid Al-Zayani के शामिल होने की उम्मीद थी। UN ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है ताकि मौजूदा युद्धविराम बना रहे। Assistant Secretary-General Elizabeth Spehar ने सैन्य टकराव कम करने के फैसले का स्वागत किया।

वहीं दूसरी तरफ, ईरान ने 2 जुलाई को चेतावनी दी कि तेल टैंकरों को उनके बताए गए रास्तों का ही पालन करना होगा, वरना उन्हें अंजाम भुगतना पड़ेगा। ईरान ने अमेरिका के किसी भी हस्तक्षेप को अपनी संप्रभुता के लिए खतरा बताया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.