अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान की तैयारी के संकेत दिए हैं। तनाव इतना बढ़ गया है कि राष्ट्रपति ने इसे ‘massive attack’ का नाम दिया है, जो पिछले सभी सैन्य हमलों से कहीं अधिक बड़ा हो सकता है। फिलहाल अभी तक कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन अमेरिका का कहना है कि ईरान को अभी और सबक मिलना बाकी है।
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तनाव की मुख्य वजह
यह स्थिति 17 जून 2026 को हुए उस समझौते के टूटने के बाद पैदा हुई है, जिसे Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने शांति और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए किया था। 8 जुलाई को इस समझौते के खत्म होने के बाद से दोनों देशों के बीच हमले तेज हो गए हैं। पिछले 12 दिनों से अमेरिकी सेना लगातार ईरान के मिसाइल, ड्रोन और समुद्री ठिकानों को निशाना बना रही है।
तेल की कीमतों और सुरक्षा पर असर
इस संघर्ष का सीधा असर आम लोगों और वैश्विक बाजार पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। वहीं, हिंसा में अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। हाल ही में ईरान और इराक सीमा पर हुए अमेरिकी हमले में 2 लोगों की जान गई और 11 लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio का कहना है कि उनका लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियारों से दूर रखना है, जबकि ईरान के प्रवक्ता Mohammad Akraminia ने चेतावनी दी है कि जब तक उन पर हमले जारी रहेंगे, वे चुप नहीं बैठेंगे।
