US और UK की बड़ी बैठक, ईरान में युद्ध रोकने और Strait of Hormuz की सुरक्षा पर हुई चर्चा, बंद हैं जहाजों के रास्ते

अमेरिका और ब्रिटेन के बड़े अधिकारियों ने ईरान के साथ युद्ध रोकने और Strait of Hormuz की सुरक्षा को लेकर जरूरी बातचीत की है. इस समय समुद्र का यह अहम रास्ता व्यापारिक जहाजों के लिए लगभग बंद है, जिससे पूरी दुनिया में तनाव बना हुआ है. अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है ताकि रास्तों को दोबारा खोला जा सके और व्यापार सामान्य हो सके.

👉: Sudan Muslim Brotherhood: अमेरिका ने घोषित किया आतंकी संगठन, सऊदी अरब ने फैसले का किया स्वागत

Strait of Hormuz में क्या स्थिति है और जहाजों पर क्या असर पड़ा है?

फिलहाल Strait of Hormuz का रास्ता व्यापारिक जहाजों के लिए बंद जैसा है. ईरान की धमकियों की वजह से बड़ी शिपिंग कंपनियां यहाँ अपने जहाज भेजने से डर रही हैं. हालांकि, कुछ जोखिम लेने वाले और प्रतिबंधों का सामना करने वाले जहाज अब भी यहाँ से गुजर रहे हैं. अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और तट रेखा की घेराबंदी कर रखी है, जिसकी वजह से कई जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है.

अमेरिका और ब्रिटेन ने इस विवाद पर क्या कहा है?

US राष्ट्रपति Donald Trump ने 17 अप्रैल को कहा कि ईरान में जंग अब जल्द ही खत्म हो सकती है. वहीं, UK की विदेश मंत्री Yvette Cooper ने साफ किया कि समुद्र में जहाजों का आना-जाना एक बुनियादी अधिकार है. उन्होंने ईरान द्वारा इस रास्ते पर टोल वसूलने की मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है. ब्रिटेन ने दुनिया के 40 से ज्यादा देशों के साथ मिलकर इस रास्ते को सुरक्षित बनाने की कोशिश की है.

ईरान की मांगें और मौजूदा हालात क्या हैं?

ईरान ने अपनी शर्तों पर अड़े रहने का फैसला किया है. ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके फ्रीज किए हुए फंड्स को वापस करे और अमेरिका व इसराइल उनके देश पर हमले बंद करें. वहीं दूसरी तरफ, 16 अप्रैल से इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम भी शुरू हो गया है. पाकिस्तान ने इस पूरे मामले में अमेरिका और ईरान के बीच शुरुआती बातचीत में मदद की थी.

विवरण जानकारी
US सैन्य बल 10,000 से ज्यादा जवान, 12 जहाज और 100 विमान
प्रभाव घेराबंदी के कारण 14 जहाजों ने रास्ता बदला
मुख्य तारीखें 17 अप्रैल (US-UK बातचीत), 16 अप्रैल (इसराइल-लेबनान युद्धविराम)
मध्यस्थ देश पाकिस्तान (8 अप्रैल को डील कराई थी)