अमेरिका और ब्रिटेन के बीच ईरान युद्ध को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है। ब्रिटेन की चांसलर Rachel Reeves ने अमेरिका के रवैये पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। उनका कहना है कि इस युद्ध को खत्म करने का कोई साफ प्लान नहीं है, जिसकी वजह से आम जनता और अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।

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ब्रिटेन और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

ब्रिटिश चांसलर Rachel Reeves ने अमेरिका द्वारा ईरान युद्ध के लिए कोई स्पष्ट एग्जिट प्लान या लक्ष्य तय न करने पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने अमेरिकी कदमों को ‘मूर्खता’ बताया और साफ किया कि ब्रिटेन ने इस संघर्ष को न तो शुरू किया था और न ही वह इसे चाहता था।

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer की नीतियों को ‘दुखद गलती’ बताया है। Trump ने यहां तक कह दिया कि वह अमेरिका और ब्रिटेन के बीच होने वाले ट्रेड डील में बदलाव कर सकते हैं, क्योंकि दोनों देशों के संबंध अब पहले जैसे नहीं रहे।

इस युद्ध का अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या असर पड़ा?

इस युद्ध की वजह से Strait of Hormuz बंद हो गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग प्रभावित हुई है। Rachel Reeves ने बताया कि इसका सीधा असर ब्रिटेन के परिवारों पर पड़ रहा है। IMF ने भी इस तनाव के कारण ब्रिटेन की आर्थिक ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया है और चेतावनी दी है कि दुनिया में मंदी का खतरा बढ़ गया है।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent का कहना है कि लंबी अवधि की सुरक्षा और ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए थोड़े समय का आर्थिक नुकसान सहना जायज है।

आने वाले दिनों में क्या बड़े बदलाव हो सकते हैं?

ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने कई कड़े कदम उठाए हैं और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े अपडेट्स आने वाले हैं। नीचे दी गई टेबल में मुख्य तारीखों और घटनाओं की जानकारी दी गई है:

तारीख महत्वपूर्ण घटना
13 अप्रैल 2026 अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी पोर्ट्स की नाकाबंदी पूरी की गई
17 अप्रैल 2026 पेरिस में शिपिंग और Strait of Hormuz को खोलने के लिए समिट
19 अप्रैल 2026 ईरानी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों की छूट खत्म होगी
27 अप्रैल 2026 किंग चार्ल्स III की अमेरिका की राजकीय यात्रा शुरू होगी

राष्ट्रपति Trump ने दावा किया है कि यह युद्ध जल्द ही खत्म होने वाला है और अगले दो दिनों में ईरान के साथ शांति वार्ता का दूसरा दौर शुरू हो सकता है। वहीं, IAEA के डायरेक्टर जनरल Rafael Grossi ने कहा है कि किसी भी समझौते में ईरान की परमाणु गतिविधियों की जांच के लिए सख्त नियम होने चाहिए।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com