अमेरिका ने ईरान को एक आखिरी चेतावनी दी है। वॉशिंगटन ने मांग की है कि ईरान 11 जुलाई 2026 तक यह साफ तौर पर माने कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों का आना-जाना बिना किसी रोक-टोक के होगा। अगर ईरान इस बात पर अपनी सहमति नहीं देता है, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
🚨: Bahrain का बड़ा आरोप, ईरान बातचीत का नाटक कर रहा है और चुपके से कर रहा है Gulf देशों पर हमला।
Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान से कहा है कि वह इस बात को स्वीकार करे कि यह समुद्री रास्ता बिना किसी फीस के सबके लिए खुला है। साथ ही, ईरान को यह वादा करना होगा कि वह इस इलाके में व्यापारिक जहाजों पर हमले करना बंद कर देगा।
यह तनाव इसलिए बढ़ा क्योंकि पिछले कुछ समय में ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हमले किए थे। इन हमलों की वजह से जहाजों का आना-जाना लगभग पूरी तरह बंद हो गया था। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही ऐलान किया था कि ईरान के साथ उनकी अस्थायी शांति अब खत्म हो चुकी है और अगर हमले नहीं रुके, तो बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए जाएंगे।
तनाव को देखते हुए अमेरिका ने ईरान की वित्तीय संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। साथ ही, पिछले दो दिनों में अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर 170 से ज़्यादा हवाई हमले किए हैं।
अमेरिका ने अपनी ये शर्तें ईरान को सीधे तौर पर और कुछ बीच के देशों के ज़रिए पहुंचाई हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची शनिवार को ओमान जाने वाले हैं, जहां हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के मुद्दे पर बातचीत होगी। अमेरिका का मानना है कि अगर ईरान इस आसान सी शर्त को पूरा नहीं करता, तो भविष्य में उसके साथ होने वाले परमाणु समझौते पर भरोसा करना मुश्किल होगा।
