संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका ने ईरान पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि ईरान ने खाड़ी देशों (Gulf countries) पर हजारों मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। इस हमले से पूरे इलाके की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
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ईरान ने क्या किया और अमेरिका ने क्या आरोप लगाए?
- अमेरिकी प्रतिनिधि ने बताया कि ईरान ने जानबूझकर आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे (Civilian Infrastructure) को निशाना बनाया।
- अमेरिका का यह भी कहना है कि ईरानी शासन अभी भी अमेरिकी नागरिकों को मारने की कोशिश कर रहा है।
- इन हरकतों को इलाके की शांति और स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा बताया गया है।
चीन, रूस और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर क्या कहा गया?
- अमेरिका ने चीन और रूस की कड़ी आलोचना की। आरोप लगाया गया कि ये दोनों देश खाड़ी देशों की तकलीफों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले बुरे असर को नजरअंदाज कर रहे हैं।
- ईरान के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया गया जिसमें उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पूरी मालिकी बताई थी।
- अमेरिकी प्रतिनिधि ने साफ किया कि यह रास्ता किसी की निजी संपत्ति या मिलिट्री खंदक नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सबके लिए है।
अब आगे क्या होगा और अमेरिका की क्या मांग है?
- अमेरिका ने मांग की है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों को तोड़ने के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया जाए।
- अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि अब सजा से बचने की नीति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दुनिया भर के देशों से एक बड़ा गठबंधन बनाने की अपील की गई है।