अमेरिका ने अब दक्षिण कोरिया और जापान से मदद मांगी है ताकि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सुरक्षित बनाया जा सके। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम का एक सैन्य अभियान शुरू किया है ताकि जहाजों का रास्ता फिर से खोला जा सके। यह पूरा मामला तब गरमाया जब एक दक्षिण कोरियाई कार्गो शिप पर हमला हुआ था।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में क्या हुआ और अमेरिका को मदद क्यों चाहिए?

4 मई को दक्षिण कोरिया के कार्गो शिप ‘HMM NAMU’ में धमाका हुआ और आग लग गई थी। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया है। अमेरिका चाहता है कि दक्षिण कोरिया और जापान अपने युद्धपोत इस इलाके में भेजें क्योंकि ये दोनों देश तेल की सप्लाई के लिए इसी समुद्री रास्ते पर निर्भर हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने साफ़ किया है कि यह ऑपरेशन केवल बचाव के लिए है और वे चाहते हैं कि दुनिया के अन्य देश भी इसमें साथ दें।

दक्षिण कोरिया और जापान इस पर क्या फैसला लेंगे?

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि वे अमेरिका के इस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। उनका अंतिम फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून, समुद्री रास्तों की सुरक्षा और अपने देश की सुरक्षा स्थिति को देखकर लिया जाएगा। इससे पहले अप्रैल 2026 में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के नौसेना अधिकारी सियोल में मिले थे ताकि समुद्री सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके। जापान के विदेशी मंत्री और नौसेना प्रमुख भी इस मुद्दे पर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ क्या है और इसका मकसद क्या है?

यह अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth द्वारा शुरू किया गया एक सैन्य प्रयास है। इसका मुख्य मकसद हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और वहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करना है।

‘HMM NAMU’ जहाज़ पर हुए हमले का क्या असर हुआ?

4 मई को इस दक्षिण कोरियाई कार्गो शिप में विस्फोट और आग लगी थी। इस घटना में जहाज़ के सभी 24 चालक दल के सदस्य सुरक्षित रहे, लेकिन इस हमले के बाद अमेरिका ने अन्य देशों पर दबाव बढ़ा दिया है।