अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने ईरान के लिए बहुत कड़ी शर्तें रखी हैं। उन्होंने साफ़ कहा है कि अगर ईरान चाहता है कि उसकी आर्थिक हालत सुधरे और उसे फायदे मिलें, तो उसे आतंकवाद को पैसा देना बंद करना होगा। इसके साथ ही ईरान को अपने परमाणु हथियार बनाने के प्रोग्राम को भी पूरी तरह खत्म करना होगा।

उपराष्ट्रपति Vance ने एक तीन पॉइंट्स वाला फ्रेमवर्क तैयार किया है जिसके तहत ईरान को एक देश के तौर पर खुद को पूरी तरह बदलना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल समझौता साइन कर लेने से ईरान को उसकी जमा पूंजी या प्रतिबंधों से राहत नहीं मिलेगी। आर्थिक लाभ तभी मिलेगा जब यूरेनियम के भंडार और अंतरराष्ट्रीय जांच को लेकर ईरान ठोस कदम उठाएगा।

परमाणु हथियार और राष्ट्रपति ट्रंप का बयान

राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ईरान के साथ एक समझौता हुआ है। इस समझौते की शर्तों में यह साफ़ लिखा है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रखेगा और न ही इन्हें हासिल करने की कोशिश करेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी तरह की राहत ईरान के बर्ताव पर निर्भर करेगी।

स्विट्जरलैंड में होगा बड़ा समझौता

इस डील को लेकर आधिकारिक साइनिंग सेरेमनी शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में होने वाली है। इससे पहले 14 जून के आसपास एक डिजिटल समझौता भी हुआ था।

खाड़ी देशों की मदद की संभावना

इस पूरे मामले में Gulf Arab nations की भूमिका भी अहम है। बताया गया है कि अगर ईरान एक सामान्य देश की तरह व्यवहार करता है, तो खाड़ी देश ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के फंड में मदद कर सकते हैं। हालांकि यह मदद पूरी तरह से ईरान के आर्थिक और राजनीतिक आचरण पर निर्भर करेगी।