अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance स्विट्जरलैंड पहुंचे हैं। वहां उनकी मुलाकात ईरान के बड़े अधिकारियों से होगी। इस मीटिंग का मुख्य मकसद इलाके में शांति लाना और चल रहे झगड़ों को खत्म करना है। इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान और कतर मदद कर रहे हैं ताकि दोनों देशों के बीच मामला सुलझ सके।

ℹ: US-Iran Meeting: स्विट्जरलैंड पहुंचे ईरान के बड़े अधिकारी, अमेरिका के साथ परमाणु कार्यक्रम और लेबनान पर होगी बड़ी बातचीत

बातचीत की तैयारी और तारीख

जेडी वेंस शनिवार, 20 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हुए। ईरान की टीम भी शनिवार देर रात वहां पहुंच गई। यह बातचीत रविवार, 21 जून 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू होने की उम्मीद है। पहले यह मीटिंग शुक्रवार को होनी थी, लेकिन इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ी लड़ाई की वजह से इसे टालना पड़ा था। बाद में स्विट्जरलैंड और कतर की कोशिशों से मामला शांत हुआ और मीटिंग की तारीख तय हुई।

समझौते की मुख्य शर्तें

यह सारी बातचीत उस समझौते के बाद हो रही है जिस पर 17 जून 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने हस्ताक्षर किए थे। इस 14 पॉइंट के समझौते (MOU) में कुछ खास बातें शामिल हैं:

  • सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए बंद करना।
  • लेबनान में युद्ध खत्म करना और वहां की संप्रभुता का सम्मान करना।
  • अगले 60 दिनों के भीतर तकनीकी बातचीत करके एक अंतिम समझौता करना।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर विवाद

शनिवार को ईरान ने दावा किया कि उसने Strait of Hormuz को फिर से बंद कर दिया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने समझौते की पहली शर्त पूरी नहीं की और इसराइल अभी भी लेबनान में बमबारी कर रहा है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस दावे को गलत बताया है। उनका कहना है कि जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से चल रही है।

प्रमुख चेहरे और स्थान

ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। मीटिंग के लिए स्विट्जरलैंड सरकार ने Bürgenstock Resort में जगह दी है। जेडी वेंस ने कहा है कि उनका पूरा ध्यान परमाणु मुद्दे को सुलझाने और लेबनान में स्थिरता लाने पर है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इस बातचीत में मजबूत स्थिति में है क्योंकि ईरान का परमाणु और सैन्य प्रोग्राम काफी कमजोर हो चुका है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.