अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance को ईरान के साथ बातचीत करने के लिए पाकिस्तान जाना था. लेकिन अब उनकी यह यात्रा रोक दी गई है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के प्रस्तावों का कोई जवाब नहीं दिया है, जिसकी वजह से इस यात्रा को फिलहाल टाल दिया गया है.

उपराष्ट्रपति की यात्रा क्यों रुकी और अब क्या होगा?

उपराष्ट्रपति JD Vance को मंगलवार, 21 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंचना था. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह यात्रा रद्द नहीं हुई है, बल्कि इसे होल्ड पर रखा गया है. अगर ईरान के वार्ताकार सकारात्मक जवाब देते हैं, तो यह यात्रा फिर से शुरू हो सकती है. व्हाइट हाउस ने भी यह साफ किया है कि वे अभी रवाना नहीं हुए हैं, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले कहा था कि वे रास्ते में हैं.

बातचीत में क्या है मुख्य अड़चन?

ईरान ने शर्त रखी है कि अमेरिका को उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करनी होगी, तभी वे बातचीत की मेज पर आएंगे. दूसरी तरफ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि जब तक कोई डील नहीं होती, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी जारी रहेगी. ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो वे सीजफायर को आगे नहीं बढ़ाएंगे.

इस मिशन में कौन-कौन शामिल होने वाले थे?

अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे थे और उनके साथ स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के शामिल होने की उम्मीद थी. वहीं ईरान की तरफ से संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाकर गलीबाफ टीम की कमान संभालने वाले थे. इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान मेजबान और मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि मिस्र और तुर्की ने भी ईरान को बैठक में आने के लिए मनाया था.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.